सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, नगर निगम को ज्ञापन ,समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी काम बंद हड़ताल के खिलाफ आज आसनसोल उत्तर विधानसभा युवा कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। युवा कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
इस दौरान युवा कांग्रेस की तरफ से नगर निगम को एक डेपुटेशन सौंपा गया। मेयर की अनुपस्थिति में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर चेंबर के दरवाजे पर ही डेपुटेशन की कॉपी चिपका दी। इसके साथ ही सफाई न होने के कारण आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में फैली गंदगी की तस्वीरें भी चेंबर के बाहर चिपकाई गईं, ताकि प्रशासन को हालात की गंभीरता का एहसास कराया जा सके।
इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष गौरव रॉय ने कहा कि पिछले आठ दिनों से नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के सभी 106 वार्डों में कचरे का अंबार लग गया है। लोगों को कचरे के बीच रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और कभी भी गंभीर बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
गौरव रॉय ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले पांच से छह दिनों के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो युवा कांग्रेस की ओर से और बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सीपीएम का ज्ञापन, कचरे से मुक्त आसनसोल की मांगमेयर की अनुपस्थिति में कमिश्नर को सौंपा गया डिपुटेशन

पब्लिक न्यूज बिनु श्रीवास्तव आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल को लेकर आज सीपीएम की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। सीपीएम नेताओं ने इस आंदोलन को तत्काल समाप्त कर आसनसोल नगर निगम क्षेत्र को कचरे से मुक्त करने की मांग की। इस दौरान मेयर की अनुपस्थिति में नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन (डिपुटेशन) सौंपा गया।
सीपीएम नेता उत्पल चटर्जी ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से काम बंद हड़ताल पर हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है और लोगों को कचरे के ढेर के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने से बीमारी और महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। हालात अगर ऐसे ही बने रहे तो स्थिति और भयावह हो सकती है। इसी को देखते हुए आज सीपीएम की ओर से नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह डिपुटेशन दिया गया है।
गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के सभी 106 वार्डों में कचरे का अंबार लग गया है। जगह-जगह जमा कचरे से दुर्गंध फैल रही है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीपीएम नेताओं ने मांग की कि नगर निगम प्रशासन तुरंत सफाई कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाले, ताकि हड़ताल समाप्त हो और शहर को फिर से साफ-सुथरा बनाया जा सके।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच आसनसोल साउथ ब्लॉक कांग्रेस का सफाई अभियानसमाधान नहीं हुआ तो नगर निगम में ताला लगाने की चेतावनी


पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल के बीच आज आसनसोल साउथ ब्लॉक कांग्रेस की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई अभियान चलाया गया। गौरतलब है कि वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर नगर निगम के सफाई कर्मचारी पिछले सात–आठ दिनों से काम बंद हड़ताल पर हैं, जिसके कारण नगर निगम क्षेत्र के 106 वार्डों में गंदगी का अंबार लग गया है।
इस समस्या को लेकर कल भी कांग्रेस की ओर से आसनसोल नगर निगम पहुंचकर जल्द समाधान की मांग की गई थी। उसी क्रम में आज साउथ ब्लॉक कांग्रेस की तरफ से बस्तीन बाजार के सामने दुर्गा मंदिर, जौहरमल जालान स्कूल क्षेत्र, बाजार के अंदर स्थित जामा मस्जिद, जीटी रोड के किनारे महावीर स्थान मंदिर और पोस्ट ऑफिस के सामने सफाई अभियान चलाया गया।
इस मौके पर आसनसोल साउथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शाह आलम खान, कांग्रेस के राज्य स्तरीय नेता प्रसनजीत पुईतुंडी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुद झाड़ू लगाकर गंदगी साफ की, कचरा एकत्र किया और उसे डस्टबिन में डाला।
इस दौरान शाह आलम खान ने कहा कि पिछले आठ दिनों से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। इस समय माध्यमिक परीक्षा चल रही है और कुछ दिन पहले शबे बरात का त्योहार भी बीता है। ऐसे में सफाई न होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर, डिप्टी मेयर, एमएमआईसी और बोरो चेयरमैन आम जनता की समस्याओं से पूरी तरह बेपरवाह हैं। वे एसी गाड़ियों में चलते हैं, इसलिए जमीनी हालात से उनका कोई सरोकार नहीं है।
शाह आलम ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह से शहर में जगह-जगह गंदगी जमा हो रही है, उससे किसी भी समय बड़ी बीमारी फैल सकती है। कई परीक्षा केंद्रों के सामने कचरे का ढेर लगा है और माध्यमिक परीक्षार्थियों को गंदगी के बीच से होकर परीक्षा केंद्र जाना पड़ रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि अगर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो कांग्रेस की ओर से बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा, यहां तक कि नगर निगम कार्यालय के गेट पर ताला भी लगाया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि आज झाड़ू से गंदगी साफ की जा रही है और 2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस टीएमसी और बीजेपी को भी इसी तरह साफ कर देगी।
वहीं कांग्रेस नेता प्रसनजीत पुईतुंडी ने कहा कि पिछले आठ दिनों से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे नगर निगम क्षेत्र में गंदगी फैल गई है, लेकिन निगम के किसी भी पदाधिकारी को इसकी चिंता नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल निजी कामों में करते हैं, इसलिए उन्हें आम जनता की परेशानियों का अंदाजा नहीं है। उनके पास फिजूलखर्ची के लिए पैसा है, लेकिन सफाई कर्मचारियों की जायज मांगें पूरी करने की इच्छा नहीं।
प्रसनजीत पुईतुंडी ने आगे कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली से यह घोषणा कर दी है कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी और टीएमसी व बीजेपी को बंगाल की राजनीति से बाहर कर देगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान सिर्फ फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया है। स्थानीय बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी गंदगी साफ करने के लिए आगे आना चाहिए था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि टीएमसी की तरह बीजेपी को भी जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।

आसनसोल में ‘कंबल कांड’ के बाद रायपाड़ा इलाका पुरुषविहीन, गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर फरार हुए लोग


पब्लिक न्यूज बिनु श्रीवास्तव आसनसोल, पश्चिम बंगाल।
आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 13 स्थित रायपाड़ा इलाका इन दिनों लगभग पुरुषविहीन हो गया है। इलाके की महिलाओं के अनुसार, पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से किसी का पति, किसी का भाई, किसी का बेटा तो किसी का भतीजा घर छोड़कर फरार हो चुका है। फिलहाल पूरे इलाके में सिर्फ महिलाएं और छोटे बच्चे ही बचे हैं।
स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि उनके इलाके के पुरुष तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव का शिकार हो गए हैं। महिलाओं का कहना है कि चुनाव या त्योहार के समय राजनीतिक दलों और समाजसेवियों द्वारा वस्त्र, कंबल और अन्य आवश्यक सामान का वितरण आम बात है।
इसी क्रम में कल्ला मोड़ निवासी समाजसेवी व भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद अपने समर्थकों के साथ सालाडांगा इलाके में कंबल वितरण कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, जिसमें रायपाड़ा और छूता डांगा से आदिवासी समुदाय के लोग भी कंबल लेने पहुंचे थे। इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और कृष्णा प्रसाद के खिलाफ “गो बैक” के नारे लगाने लगे। स्थिति बिगड़ती देख कृष्णा प्रसाद वहां से चले गए, जिसके बाद उनके समर्थकों ने बचे हुए कंबल जरूरतमंदों में बांट दिए।
घटना के बाद सालाडांगा से सटे एक गांव की महिला ने कृष्णा प्रसाद और उनके कुछ समर्थकों पर कंबल वितरण के दौरान छेड़खानी का आरोप लगाया। महिला ने यह भी दावा किया कि कृष्णा प्रसाद ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है।
इन आरोपों को लेकर तृणमूल नेता श्याम सोरेन के नेतृत्व में आदिवासी समाज के लोगों ने आसनसोल नॉर्थ थाने का घेराव किया और कृष्णा प्रसाद समेत उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू करते हुए कई इलाकों में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान रायपाड़ा निवासी पुष्पराज दास को गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे रायपाड़ा इलाके में भय का माहौल बन गया और लगभग सभी पुरुष गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर फरार हो गए।
वहीं रायपाड़ा, सालाडांगा और छूता डांगा समेत वार्ड संख्या 13 के कई आदिवासी समाज के लोग कृष्णा प्रसाद के समर्थन में उतर आए हैं। उनका कहना है कि नॉर्थ थाने में दर्ज मामला पूरी तरह झूठा है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
इस मामले में गिरफ्तार पुष्पराज दास की भाभी शुभ्रा दास ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कंबल वितरण सालाडांगा में हो रहा था, लेकिन तृणमूल कार्यकर्ताओं ने विरोध के दौरान रायपाड़ा समेत अन्य इलाकों के निर्दोष लोगों के नाम मामले में जोड़ दिए। उन्होंने कहा कि इलाके में एक भी पुरुष नहीं बचा है, जिससे महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवारों के सामने भूखमरी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।
गौरतलब है कि आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के ही रामकिशन डंगाल में कुछ वर्ष पहले भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी के नेतृत्व में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें तीन महिलाओं की मौत हो गई थी। उस मामले में जितेंद्र तिवारी समेत कई भाजपा नेताओं पर केस दर्ज हुआ था और उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
उस घटना के बाद आसनसोल में यह दूसरा “कंबल कांड” माना जा रहा है। हालांकि इस बार न तो कोई भगदड़ हुई और न ही किसी की जान गई, लेकिन लगाए गए गंभीर आरोपों ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस मामले को लेकर आदिवासी समाज भी दो गुटों में बंटता नजर आ रहा है—एक पक्ष आरोपों को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरा इसे तृणमूल की सोची-समझी साजिश बता रहा है।
भाजपा के राज्य स्तरीय नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने पूरे मामले की कड़ी निंदा करते हुए कृष्णा प्रसाद और उनके समर्थकों पर दर्ज कथित झूठे मामलों के खिलाफ जोरदार आंदोलन की चेतावनी दी है।

১৪ মার্চ আসানসোল ও দুর্গাপুর আদালত চত্বরে জাতীয় লোক আদালতএকদিনেই মামলার নিষ্পত্তি, আইনজীবী ছাড়াই শুনানির সুযোগ

আম্রপালি চকর্বতী আধিকারি

পাবলিক নিউজঃ আলোক চক্রবর্তী পশ্চিম বর্ধমানের আসানসোল:
আগামী ১৪ মার্চ আসানসোল ও দুর্গাপুর আদালত চত্বরে জাতীয় লোক আদালত বসতে চলেছে। এই উপলক্ষে বুধবার একটি সংবাদ সম্মেলন করে লোক আদালত সংক্রান্ত বিস্তারিত তথ্য জানানো হয়।
আমরাপালি চক্রবর্তী সংবাদ সম্মেলনে জানানো , লোক আদালতে এমন একাধিক দেওয়ানি মামলার শুনানি হতে পারে, যেগুলি এখনও আদালতে দায়ের করা হয়নি অথবা বর্তমানে আদালতে বিচারাধীন অবস্থায় রয়েছে। পাশাপাশি মোটর ভেহিকেল অ্যাক্ট সংক্রান্ত মামলাগুলির শুনানিও লোক আদালতে করা হয়ে থাকে।
তালাকের মামলা বাদ দিয়ে বিবাহ সংক্রান্ত অন্যান্য বিষয়, যেমন পারিবারিক বিবাদ বা সমঝোতার মামলাও লোক আদালতের আওতায় আনা যেতে পারে। এছাড়াও যেসব ব্যক্তি ব্যাঙ্ক ঋণের ইএমআই পরিশোধ করতে পারছেন না, সেই সংক্রান্ত মামলার নিষ্পত্তিও লোক আদালতের মাধ্যমে করা সম্ভব।
লোক আদালতের একটি বিশেষ বৈশিষ্ট্য হল, এখানে মামলা পেশ করার জন্য আইনজীবী থাকা বাধ্যতামূলক নয়। যে কোনও ব্যক্তি নিজেই উপস্থিত হয়ে নিজের মামলার শুনানিতে অংশ নিতে পারেন।
যেসব মামলা বর্তমানে আদালতে বিচারাধীন রয়েছে, সেগুলি লোক আদালতে পাঠানোর জন্য সংশ্লিষ্ট আদালতে আইনজীবীর মাধ্যমে আবেদন জানাতে হয়। আদালতের অনুমোদন মিললে সেই মামলা লোক আদালতে স্থানান্তরিত করা হয়।
অন্যদিকে, যেসব মামলা এখনও আদালতে দায়ের হয়নি, সেগুলির শুনানি লোক আদালতে করাতে চাইলে ডিস্ট্রিক্ট লিগ্যাল সেল (জেলা আইনি পরিষেবা কর্তৃপক্ষ)-এর সঙ্গে যোগাযোগ করতে হয়। ডিস্ট্রিক্ট লিগ্যাল সেলের পক্ষ থেকে সংশ্লিষ্ট পক্ষদের কাছে নোটিস পাঠানো হয়।
সংবাদ সম্মেলনে আরও জানানো হয়, গত বছর পশ্চিম বর্ধমান জেলায় অনুষ্ঠিত লোক আদালতে ১০ হাজারেরও বেশি মামলার নিষ্পত্তি হয়েছিল, যার মাধ্যমে প্রায় ১৪ কোটি টাকার স্যাটেলমেন্ট সম্পন্ন হয়।
লোক আদালতের সবচেয়ে বড় সুবিধা হল, একই দিনে পারস্পরিক সমঝোতার ভিত্তিতে মামলার নিষ্পত্তি হয়, ফলে সাধারণ মানুষ সময়, অর্থ ও দীর্ঘ আইনি জটিলতা থেকে মুক্তি পান।

आसनसोल में जमीन विवाद को लेकर भारी तनाव, सेल आईएसपी और निजी जमीन मालिक आमने-सामने


पब्लिक न्यूज भरत पासवान पश्चिम बर्धमान, आसनसोल:आसनसोल के मनोज सिनेमा हॉल से सटे इलाके में गुरुवार को जमीन कब्जे को लेकर भारी तनाव फैल गया। सेल आईएसपी (SAIL ISP) की एक जमीन को लेकर सेल प्रबंधन और एक निजी जमीन मालिक के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
सेल आईएसपी प्रबंधन का दावा है कि विवादित जमीन उनकी स्वामित्व वाली है। वहीं, संबंधित निजी जमीन मालिक का कहना है कि उनके पास उस जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज और कागजात मौजूद हैं और वह जमीन सेल की नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद दो अलग-अलग प्लॉट नंबरों को लेकर है। आरोप है कि जिस जमीन को सेल प्रबंधन अपनी बता रहा है, वहां पहुंचने के लिए दूसरे व्यक्ति की निजी जमीन से होकर जाना पड़ता है। इसी बात को लेकर जमीन मालिक ने कड़ा विरोध जताया।
जमीन मालिक ने आरोप लगाते हुए कहा,
“अगर वह जमीन वास्तव में सेल की है, तो वहां नोटिस बोर्ड या साइन बोर्ड लगाया जाए। लेकिन हमारी निजी जमीन से होकर आना-जाना या बाउंड्री तोड़कर घुसना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। हमारे गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसना पूरी तरह गैरकानूनी है।”
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक स्थिति को नियंत्रित किए रखा, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
हालांकि आरोप है कि अंततः संबंधित गेट का ताला तोड़ दिया गया और जमीन की बाउंड्री के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर सेल प्रबंधन ने अपनी बताई जा रही जमीन पर बोर्ड लगा दिया।
इस घटना से नाराज निजी जमीन मालिक ने कहा,
“जिन लोगों ने मेरा गेट का ताला तोड़ा और जबरन मेरी जमीन से होकर गए, उनके खिलाफ मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा।”
दोपहर करीब 2 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार चले तनाव के बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन नजर बनाए हुए है।

14 मार्च को आसनसोल और दुर्गापुर अदालत परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालतएक ही दिन में मामलों का निपटारा, वकील की अनिवार्यता नहीं


पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल:
आगामी 14 मार्च को आसनसोल और दुर्गापुर अदालत परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर आज एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें लोक आसनसोल कोर्ट अदालत से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी अधिकारी आम्रपाली चक्रवर्ती ने ।
बताया गया कि 14 मार्च को लगने वाली लोक अदालत में ऐसे सिविल मामलों की सुनवाई हो सकेगी, जो अब तक अदालत में नहीं पहुंचे हैं या फिर अदालत में लंबित हैं। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई भी लोक अदालत में की जा सकती है।
तलाक के मामलों को छोड़कर विवाह से जुड़े अन्य मामलों, जैसे वैवाहिक विवाद, समझौता आदि की सुनवाई भी लोक अदालत में संभव है। वहीं यदि किसी व्यक्ति ने बैंक से लोन लिया है और वह ईएमआई चुकाने में असमर्थ है, तो ऐसे मामलों का निपटारा भी लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है।
लोक अदालत की एक खास बात यह है कि मामला पेश करने के लिए वकील की अनिवार्यता नहीं होती। कोई भी व्यक्ति स्वयं उपस्थित होकर अपने मामले की सुनवाई में भाग ले सकता है।
जो मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, उन्हें लोक अदालत में स्थानांतरित कराने के लिए संबंधित अदालत में वकील के माध्यम से अनुरोध करना होता है। अदालत की अनुमति मिलने के बाद मामला लोक अदालत में भेज दिया जाता है।
वहीं जो मामले अब तक अदालत में दर्ज नहीं हुए हैं, उनकी सुनवाई लोक अदालत में कराने के लिए लोगों को डिस्ट्रिक्ट लीगल सेल (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) से संपर्क करना होगा। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट लीगल सेल की ओर से संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया जाता है।
संवाददाता सम्मेलन में यह भी बताया गया कि पिछले वर्ष आयोजित लोक अदालत में पश्चिम बर्धमान जिले में 10 हजार से अधिक मामलों का निपटारा हुआ था, जिससे लगभग 14 करोड़ रुपये की सेटलमेंट राशि प्राप्त हुई थी।
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक ही दिन में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो जाता है, जिससे समय, धन और मानसिक परेशानी—तीनों से राहत मिलती है।

आम्रपाली चक्रवर्ती

गंभीर रूप से घायल गार्ड सीएच कल्ला अस्पताल में भर्ती, यूनियन का विरोध प्रदर्शन

पब्लिक न्यूज मनोज शर्मा/बीनू श्रीवास्तव आसनसोल: आज तड़के करीब सुबह 2 बजे गिरिमिंट कोलियरी, ईसीएल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ असामाजिक तत्व चोरी के इरादे से अवैध रूप से कोलियरी परिसर में घुस आए।
घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो असामाजिक तत्वों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल सुरक्षा गार्ड को तत्काल इलाज के लिए सीएच कल्ला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद कोलियरी परिसर में तनाव का माहौल बन गया। यूनियन के सदस्य एजेंट ऑफिस के पास इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा गार्डों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
यूनियन की ओर से मांग की गई कि सुरक्षा कर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ईसीएल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

अतिरिक्त शुल्क वसूली के आरोप में बर्नपुर के महात्मा गांधी हाई स्कूल में उच्च माध्यमिक परीक्षार्थियों का विरोध प्रदर्शन

पब्लिक न्यूज भरत पासवान बर्नपुर।बर्नपुर स्थित महात्मा गांधी हाई स्कूल में आज उच्च माध्यमिक परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं ने अतिरिक्त पैसे वसूली के आरोप में विरोध प्रदर्शन किया। परीक्षार्थियों का आरोप है कि पूरे राज्य में जहां माध्यमিক और उच्च माध्यमिक परीक्षार्थियों से एडमिट कार्ड के नाम पर 400 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं इस स्कूल की ओर से उनसे अतिरिक्त 90 रुपये की मांग की जा रही है।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि जब उन्होंने स्कूल प्रशासन से यह सवाल किया कि उन्हें यह अतिरिक्त 90 रुपये क्यों देने होंगे, तो इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। आरोप है कि इस अतिरिक्त राशि के बदले कोई रसीद भी प्रदान नहीं की जा रही है, जिससे छात्रों में असंतोष और बढ़ गया है।
परीक्षार्थियों का आरोप है कि स्कूल और प्रशासन की ओर से उनके साथ अन्याय किया जा रहा है और बिना किसी स्पष्ट कारण के उनसे अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर अतिरिक्त शुल्क वसूली बंद करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना को लेकर समाचार लिखे जाने तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बर्दवान जिलाधिकारी से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन

पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल।
पश्चिम बर्दवान जिला भाजपा अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य के नेतृत्व में गुरुवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस. पोन्नबलम से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में जिला भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णेंदु मुखर्जी, प्रशांत चक्रवर्ती और अरिजीत राय भी शामिल थे।
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि जैसे ही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया शुरू हुई है, तभी से तृणमूल कांग्रेस की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़े चुनाव अधिकारियों का एक वर्ग टीएमसी से प्रभावित होकर यह धारणा फैलाने में मदद कर रहा है कि एसआईआर के माध्यम से बंगाल के लोगों को परेशान किया जा रहा है।
देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान यदि किसी व्यक्ति की मौत हुई, तो उसे इस प्रक्रिया से जोड़कर प्रचारित किया गया। यहां तक कि आत्महत्या की घटनाओं को भी एसआईआर और हियरिंग नोटिस से जोड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे पूरी तरह भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया।
जिला भाजपा अध्यक्ष ने आगे आरोप लगाया कि जब फॉर्म-7 जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब ईआरओ और एईआरओ के एक वर्ग ने जानबूझकर देरी की, ताकि फॉर्म-7 जमा न हो सके और अवैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से न काटे जा सकें।
इन सभी मुद्दों को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।