Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares पब्लिक न्यूज़ बाराबनी मनोज शर्मा:– बाराबनी ब्लाक प्रशासन और बाराबनी थाना की तरफ से आज एक संयुक्त अभियान चलाकर जामग्राम ग्राम पंचायत अंतर्गत अमूलिया इलाके में अजय नदी पर बने एक अवैध रास्ते को तोड़ दिया गया आपको बता दें कि बंगाल से झारखंड आने जाने के लिए अजय नदी पर अवैध रूप से एक अस्थाई ब्रिज का निर्माण किया गया था कहा जा रहा है कि झारखंड में रहने वाले लोग इस ब्रिज का इस्तेमाल करते थे विशेष कर बंगाल के क्षेत्र में जो अस्पताल है वहां पर इस रास्ते का इस्तेमाल करते हुए झारखंड के हजारों लोग आते थे लेकिन आज जेसीबी मशीन के जरिए इस अस्थाई ब्रिज को तोड़ दिया गया इस बारे में बाराबनी के वीडियो शिलाजीत भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह से नदी पर अवैध रूप से ब्रिज नहीं बनाया जा सकता नदी के गति को रोका नहीं जा सकता अगर नदी पार करनी है तो ब्रिज बनाना होगा इस तरह से घाट बनाकर लोग यातायात नहीं कर सकते इसीलिए इसे तोड़ दिया गया उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायत मिलने पर आगे भी इस तरह की कार्रवाई की जाएगी हालांकि जब हमने कुछ लोगों से बात की तो उनका कहना है कि इस तरह के घाट कई इलाकों में है और इससे विशेषकर झारखंड के गरीब तबके के लोगों को काफी आसानी होती है खासकर इलाज के लिए वह लोग इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं उन्होंने कहा कि अगर सड़क के रास्ते झारखंड से बाराबनी आना होगा तो उन्हें रुनाकूड़ाघाट होकर आना होगा जो कि तकरीबन 27 किलोमीटर पड़ता है लेकिन नदी के ऊपर बने इस अस्थाई घाट से झारखंड से बाराबनी आने में सिर्फ चार किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं खासकर आसनसोल जिला अस्पताल जाने के लिए झारखंड के लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं इसके अलावा स्थानीय ईंट भट्टा आदि में काम करने के लिए भी झारखंड से मजदूर आते हैं। लोगों ने बताया कि झारखंड में बंगाली माध्यम के स्कूल नहीं होने की वजह से उस क्षेत्र के लोग अपने बच्चों को यहां बांग्ला माध्यम स्कूलों में भेजते हैं । बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के जाम ग्राम इलाके लोगों का कहना है कि इस तरफ के लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी लेकिन झारखंड के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा वहीं जब हमने इस बारे में बाराबनी पंचायत समिति के अध्यक्ष असित सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि सिर्फ बाराबनी नहीं जमुरिया पांडवेश्वर आदि इलाकों में भी इस तरह के अस्थाई घाट बनाए गए हैं ताकि झारखंड से लोग आ सके उन्होंने कहा कि झारखंड में चिकित्सा का इतना अच्छा इंतजाम नहीं है इस वजह से लोग इस तरह के अस्थाई घाटों का निर्माण करते हैं। इसके अलावा रोजगार के लिए भी लोग आते हैं। Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares Post navigation आदिवासियों की जमीन गैर कानूनी तरीके से गैर आदिवासी लोगों द्वारा कब्जा किए जाने के खिलाफ आज पश्चिम बंगाल आदिवासी कोड़ा समाज कल्याण संगठन की तरफ से एक रैली निकाली गई पश्चिम बर्दवान जिला शासक के दफ्तर में आज जिला शासक की अगुवाई में नए वोटर लिस्ट के समीक्षा बैठक हुई