Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares PUBLIC NEWS PEOPLE’S VOICE पब्लिक न्यूज पांडवेश्वर, पश्चिम बर्दवान: पश्चिम बर्दवान जिले के पांडवेश्वर स्थित कुमारडीही-ए कोलियरी में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। खदान के अंदर करीब 200 फीट की गहराई में डोली (खनिकों को लाने-ले जाने वाला लिफ्ट) फंस जाने के कारण 12 खनिक करीब 12 घंटे तक अंदर ही अटके रहे। लंबी मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह करीब 5 बजे सभी 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद खनिकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।कैसे हुआ हादसा?जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 5:30 बजे इंजन रूम के ड्रम में डोली की लोहे की रस्सी फंस गई। इसके कारण डोली खदान के बीच में करीब 200 फीट की गहराई पर अटक गई। उस समय डोली में 12 ईसीएल (ECL) कर्मचारी सवार थे। अंधेरे और घुटन भरे माहौल में श्रमिकों को लंबे समय तक फंसे रहना पड़ा। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए ऊपर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। वहीं, खदान के मुहाने पर मौजूद परिजन पूरी रात चिंता और भय के माहौल में इंतजार करते रहे।रातभर मौके पर मौजूद रहे विधायकघटना की सूचना मिलते ही पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी रात खदान के मुहाने पर मौजूद रहे। उनके साथ ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, कोलियरी एजेंट मधुसूदन सिंह, प्रबंधक, जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिसकर्मी भी राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते रहे।शुरुआत में रस्सी को निकालने का प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम की मदद से ड्रम की मरम्मत का काम किया गया। लगातार प्रयासों के बाद मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एक-एक कर सभी 12 श्रमिकों को सुरक्षित ऊपर लाया गया।सभी श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गयाकोलियरी सूत्रों के अनुसार, सभी श्रमिक फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि, करीब 12 घंटे तक खदान के अंदर फंसे रहने के कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। सभी को स्वास्थ्य जांच के लिए चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालहादसे के बाद ईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले ही संबंधित ड्रम की मरम्मत की गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मरम्मत के बावजूद ड्रम में खराबी कैसे आई और क्या इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई?विधायक जितेंद्र तिवारी ने घटना की विस्तृत जांच कराने की जरूरत पर जोर दिया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोलियरी में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और उपकरणों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग भी उठी है।12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने से बड़ी राहत मिली है, लेकिन इस घटना ने खदानों में श्रमिकों की सुरक्षा और मशीनों के नियमित रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। PUBLIC NEWS PEOPLE’S VOICE Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares Post navigation অবশেষে স্বস্তি! ১২ ঘণ্টা মৃত্যুর সঙ্গে লড়াইয়ের পর ভোর ৫টায় খনি থেকে জীবিত উদ্ধার ১২ শ্রমিক, রাতভর ঘটনাস্থলে বিধায়ক জিতেন্দ্র তিওয়ারি