Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares आसनसोल पब्लिक न्यूज: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की अधिकारी बनकर पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नवान्न में मंत्री से मुलाकात करने के मामले की जांच अब आसनसोल के धेमोमेन तक पहुंच गई है। इस मामले में दिल्ली से आकांक्षा विद्यार्थी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आसनसोल के धेमोमेन निवासी अभिजीत महतो को भी गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। मामला 30 सितंबर का बताया जा रहा है। आरोप है कि आकांक्षा विद्यार्थी ने खुद को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की PMO टीम से जुड़ा अधिकारी बताकर राज्य के PWD मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात का समय लिया था। ई-मेल के जरिए संपर्क करने के बाद वह नवान्न पहुंचीं। मुलाकात के दौरान उनकी कुछ बातों पर मंत्री को संदेह हुआ। इसके बाद PMO से सत्यापन कराया गया, जहां उनके अधिकारी होने के दावे की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के दौरान आसनसोल के धेमोमेन निवासी अभिजीत महतो का नाम सामने आने के बाद पुलिस अब इस कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में धेमोमेन इलाके के स्थानीय राजनीतिक और कारोबारी विवादों से जुड़े कुछ लोगों का संदर्भ सामने आया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अभिजीत महतो की गिरफ्तारी के बाद जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नवान्न में मंत्री से मुलाकात की योजना के पीछे कौन था और क्या इसका धेमोमेन से जुड़े किसी विवाद या समझौते से कोई संबंध है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि PMO के नाम पर इस्तेमाल किए गए ई-मेल और फोन नंबर वास्तविक थे या फर्जी। साथ ही पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या किसी संगठित नेटवर्क की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि धेमोमेन इलाके में कुछ दिन पहले राजनीतिक तनाव के दौरान गोली चलने की घटना भी सामने आई थी। ऐसे में फर्जी PMO पहचान मामले की जांच में धेमोमेन का नाम सामने आने से स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस आकांक्षा विद्यार्थी और अभिजीत महतो से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि नवान्न पहुंचने की योजना किसने बनाई, PMO के नाम का इस्तेमाल क्यों किया गया और इस पूरे मामले का धेमोमेन से वास्तविक संबंध क्या है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares Post navigation রানিগঞ্জে খোকন মাজি হত্যা মামলায় বিপেন রুইদাসের ৯ বছর ৬ মাসের কারাদণ্ড