Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares उपकरण नहीं होने का हवाला देकर मरीजों को भेजा जा रहा दूसरे अस्पताल, बेड नहीं मिलने पर वापस लौटने का आरोप, विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने दिया समाधान का आश्वासन पब्लिक न्यूज आसनसोल, आसनसोल ईएसआई अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा को लेकर गंभीर समस्या सामने आई है। अस्पताल में डायलिसिस के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर मरीजों को आसनसोल और दुर्गापुर के अलग-अलग अस्पतालों में भेजे जाने का आरोप है। वहीं, मरीजों के परिजनों का कहना है कि दूसरे अस्पतालों में पहुंचने के बाद उन्हें बेड खाली नहीं होने की बात कहकर वापस लौटाया जा रहा है। ऐसे में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे डायलिसिस मरीजों और उनके परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।परिजनों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से वे अपने मरीजों को लेकर आसनसोल के अलग-अलग गैर सरकारी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक जाने के बावजूद डायलिसिस की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर बेड उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। आखिरकार परेशान होकर कुछ मरीजों के परिजन दोबारा ईएसआई अस्पताल पहुंचे और मीडिया के सामने अपनी समस्या रखी।मरीजों के परिजनों का कहना है कि डायलिसिस मरीजों के लिए नियमित उपचार बेहद जरूरी है। ऐसे में यदि अस्पताल में अचानक डायलिसिस सेवा बाधित हो जाती है और मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजा जाता है, तो वहां पर्याप्त बेड और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें स्पष्ट समाधान नहीं मिल रहा है और मरीजों को लेकर लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।परिजनों ने मांग की है कि आसनसोल ईएसआई अस्पताल में जल्द से जल्द डायलिसिस सेवा को सुचारु किया जाए, ताकि मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े। उनका कहना है कि डायलिसिस कराने वाले मरीजों की स्थिति सामान्य मरीजों से अलग होती है और उपचार में देरी उनके लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है।इसी बीच कुछ डायलिसिस मरीजों ने आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी से फोन पर संपर्क कर अपनी समस्या बताई। मरीजों और उनके परिजनों ने विधायक के सामने ईएसआई अस्पताल में डायलिसिस सेवा बंद होने और दूसरे अस्पतालों में बेड नहीं मिलने की परेशानी रखी।मरीजों की समस्या सुनने के बाद विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह संबंधित विभाग से इस मामले में चर्चा करेंगे और डायलिसिस मरीजों की समस्याओं को जल्द से जल्द दूर कराने की दिशा में काम करेंगे।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईएसआई अस्पताल में डायलिसिस सेवा कब तक सामान्य होगी? क्या अस्पताल में जरूरी उपकरण जल्द उपलब्ध कराया जाएगा? और तब तक डायलिसिस पर निर्भर मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किस तरह सुनिश्चित की जाएगी?फिलहाल डायलिसिस मरीजों और उनके परिजनों की नजर अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे इन मरीजों के लिए नियमित डायलिसिस जीवनरक्षक उपचार का हिस्सा है। ऐसे में सेवा में किसी भी तरह की बाधा मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares Post navigation পান্ডবেশ্বরে চাঞ্চল্য / পুকুর থেকে তিনদিন ধরে নিখোঁজ যুবকের দেহ উদ্ধার ………..পান্ডবেশ্বর ,২১ আগষ্টঃ