Facebook 0 Twitter 0 WhatsApp Print 0Shares पब्लिक न्यूज आसनसोल: आसनसोल नगर निगम की कार्यप्रणाली और हटन रोड से अतिक्रमण हटाने के मुद्दे को लेकर आसनसोल चैंबर के सचिव शंभूनाथ झा ने मेयर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा समय आया होगा जब जनता को निगम की घोषणाओं पर इतना कम भरोसा रहा हो।शंभूनाथ झा ने कहा कि नगर निगम ने 16 मई 2026 को हटन रोड से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा केवल कागजों तक सीमित रह गई। बाद में मेमो संख्या 191/30/PW/ENG/2026 जारी कर 15 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी गई और स्पष्ट रूप से कहा गया कि इसके बाद किसी प्रकार की और छूट नहीं दी जाएगी। लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के कई दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि नगर निगम अपने ही आदेशों को लागू नहीं कर सकता, तो बार-बार ऐसी घोषणाएं करने का क्या औचित्य है? इससे जनता के बीच यह संदेश जा रहा है कि निगम की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।झा ने आरोप लगाया कि एक ओर अतिक्रमण हटाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार टालमटोल की नीति अपनाई जाती है। इससे यह प्रतीत होता है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति का अभाव है और जनता को केवल आश्वासन देकर शांत रखने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि व्यापारियों, नागरिकों और करदाताओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। शहर की सड़कें, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णायक कार्रवाई करने के बजाय केवल घोषणाएं और मेमो जारी करना किसी भी जिम्मेदार प्रशासन की पहचान नहीं हो सकती।शंभूनाथ झा ने मेयर से पूछा कि नगर निगम की घोषणाओं और वास्तविक कार्रवाई के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है? यदि नगर निगम अपने फैसलों को लागू करने में सक्षम नहीं है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी कौन लेगा?उन्होंने कहा, “जनता ने मेयर को नेतृत्व के लिए चुना था, बहाने सुनने के लिए नहीं। यदि नगर निगम को प्रभावी ढंग से संचालित करना संभव नहीं हो रहा है, तो नैतिकता के आधार पर मेयर को अपने पद पर पुनर्विचार करना चाहिए। लोकतंत्र में पद सम्मान का विषय है, लेकिन उससे भी बड़ी चीज जवाबदेही है।”झा ने कहा कि आसनसोल की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है। नगर निगम को अपनी विश्वसनीयता बचाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा यह कार्यकाल वादों, विफलताओं और प्रशासनिक निष्क्रियता के दौर के रूप में याद किया जाएगा।हालांकि, इस संबंध में नगर निगम या मेयर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। Facebook 0 Twitter 0 WhatsApp Print 0Shares Post navigation आसनसोल के आनंदम रेसीडेंसी में हनुमान चालीसा पाठ के आठवें दिन उमड़ा भक्तों का जनसैलाब