सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, नगर निगम को ज्ञापन ,समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी काम बंद हड़ताल के खिलाफ आज आसनसोल उत्तर विधानसभा युवा कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। युवा कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
इस दौरान युवा कांग्रेस की तरफ से नगर निगम को एक डेपुटेशन सौंपा गया। मेयर की अनुपस्थिति में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर चेंबर के दरवाजे पर ही डेपुटेशन की कॉपी चिपका दी। इसके साथ ही सफाई न होने के कारण आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में फैली गंदगी की तस्वीरें भी चेंबर के बाहर चिपकाई गईं, ताकि प्रशासन को हालात की गंभीरता का एहसास कराया जा सके।
इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष गौरव रॉय ने कहा कि पिछले आठ दिनों से नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के सभी 106 वार्डों में कचरे का अंबार लग गया है। लोगों को कचरे के बीच रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और कभी भी गंभीर बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
गौरव रॉय ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले पांच से छह दिनों के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो युवा कांग्रेस की ओर से और बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सीपीएम का ज्ञापन, कचरे से मुक्त आसनसोल की मांगमेयर की अनुपस्थिति में कमिश्नर को सौंपा गया डिपुटेशन

पब्लिक न्यूज बिनु श्रीवास्तव आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल को लेकर आज सीपीएम की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। सीपीएम नेताओं ने इस आंदोलन को तत्काल समाप्त कर आसनसोल नगर निगम क्षेत्र को कचरे से मुक्त करने की मांग की। इस दौरान मेयर की अनुपस्थिति में नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन (डिपुटेशन) सौंपा गया।
सीपीएम नेता उत्पल चटर्जी ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से काम बंद हड़ताल पर हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है और लोगों को कचरे के ढेर के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने से बीमारी और महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। हालात अगर ऐसे ही बने रहे तो स्थिति और भयावह हो सकती है। इसी को देखते हुए आज सीपीएम की ओर से नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह डिपुटेशन दिया गया है।
गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के सभी 106 वार्डों में कचरे का अंबार लग गया है। जगह-जगह जमा कचरे से दुर्गंध फैल रही है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीपीएम नेताओं ने मांग की कि नगर निगम प्रशासन तुरंत सफाई कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाले, ताकि हड़ताल समाप्त हो और शहर को फिर से साफ-सुथरा बनाया जा सके।

ABMA-র উদ্যোগে ওজন ও মাপ নবীকরণ শিবির, উপকৃত ১২৫ জন ব্যবসায়ী

পাবলিক নিউজঃ আসানসোল। আসানসোল বুলিয়ন মার্চেন্টস অ্যাসোসিয়েশন (ABMA)-এর উদ্যোগে মঙ্গলবার, ৩ ফেব্রুয়ারি ২০২৬ সকাল ১০টা ৩০ মিনিট থেকে ঘণ্টি গলিতে অবস্থিত ABMA অফিসে একটি ওজন ও মাপ নবীকরণ শিবির অনুষ্ঠিত হয়।
এই শিবিরটি মেট্রোলজি ডিপার্টমেন্টের তত্ত্বাবধানে আয়োজন করা হয়। শিবিরে প্রায় ১২৫ জন স্বর্ণ ও গয়না ব্যবসায়ী তাঁদের ওজন ও মাপ সংক্রান্ত যন্ত্র নবীকরণ করান। এর মাধ্যমে প্রায় ৮০,০০০ টাকা থেকে ১,০০,০০০ টাকা পর্যন্ত রাজস্ব আদায় হয়েছে।
শিবিরে উপস্থিত ছিলেন ABMA-র সভাপতি শ্রী সুনীল মুকিম, সচিব শ্রী আনন্দ আগরওয়াল্লা, কোষাধ্যক্ষ শ্রী প্রভাষ গুপ্ত। এছাড়াও উপস্থিত ছিলেন শঙ্কর গুপ্ত, শ্যামল চট্টোপাধ্যায়, প্রদীপ শর্মা, বিনোদ গুপ্ত, অশোকজি সহ সংগঠনের অন্যান্য সদস্যরা।
এই শিবির সফলভাবে পরিচালনার ক্ষেত্রে আসানসোল বুলিয়ন মার্চেন্টস অ্যাসোসিয়েশন, আসানসোল জুয়েলারি ওয়েলফেয়ার অ্যাসোসিয়েশন এবং স্বর্ণ শিল্পী সমিতি গুরুত্বপূর্ণ সহযোগিতা প্রদান করে।
সংগঠনের পক্ষ থেকে জানানো হয়, ভবিষ্যতেও এ ধরনের শিবিরের আয়োজন করা হবে, যাতে ব্যবসায়ীরা সহজেই সরকারি নিয়ম মেনে তাঁদের ব্যবসা পরিচালনা করতে পারেন।

ABMA द्वारा वजन एवं माप नवीनीकरण शिविर का आयोजन, 125 दुकानदारों को मिला लाभ

पब्लिक न्यूज डेस्क पश्चिम बर्धमान आसनसोल।
आसनसोल बुलियन मर्चेंट्स एसोसिएशन (ABMA) की ओर से मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को घंटी गली स्थित ABMA कार्यालय में वजन एवं माप नवीनीकरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सुबह 10:30 बजे से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्वर्ण एवं आभूषण व्यापारियों ने भाग लिया।
इस नवीनीकरण शिविर का आयोजन मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा किया गया, जिसमें लगभग 125 दुकानदारों ने अपने वजन एवं माप उपकरणों का नवीनीकरण कराया। इस शिविर के माध्यम से ₹80,000 से ₹1,00,000 तक का राजस्व विभाग को प्राप्त हुआ।
ABMA के अध्यक्ष श्री सुनील मूखिम, सचिव श्री आनंद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष श्री प्रभाष गुप्ता के साथ-साथ शंकर गुप्ता, श्यामल चटर्जी, प्रदीप शर्मा, विनोद गुप्ता, अशोक जी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
इस शिविर को सफल बनाने में आसनसोल बुलियन मर्चेंट्स एसोसिएशन, आसनसोल ज्वेलरी वेलफेयर एसोसिएशन तथा स्वर्ण शिल्पी समिति का विशेष सहयोग रहा।
ABMA पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों एवं व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि व्यापारियों को समय पर नियमों के अनुरूप सुविधाएं मिलती रहें।

কেন্দ্রীয় সরকারের শ্রম বিধির প্রতিবাদ কংগ্রেসের / আসানসোলে লেবার কমিশনারের অফিসে স্মারকলিপি…..………আসানসোল, ১০ ডিসেম্বরঃ

পাবলিক নিউজ ডেস্ক আসানসোল:– সম্প্রতি, কেন্দ্রীয় সরকার দেশে চারটি শ্রম বিধি বা কোড কার্যকর করেছে। এর প্রতিবাদে, বুধবার কংগ্রেসের তরফে আসানসোলে শ্রম কমিশনারের কার্যালয়ে একটি স্মারকলিপি দেওয়া হয়। কংগ্রেস নেতা শাহ আলম খান, প্রসেনজিৎ পুইতুন্ডি এবং অন্যান্য কংগ্রেস নেতা ও কর্মীরা উপস্থিত ছিলেন। তারা গত ২১ নভেম্বর কেন্দ্রীয় সরকারের তরফে জারি করা চারটি শ্রম বিধির বিজ্ঞপ্তির কপি পুড়িয়ে প্রতিবাদ জানান।
এই বিষয়ে শাহ আলম বলেন, কংগ্রেস এদিন কেন্দ্রীয় সরকারের কার্যকর করা চারটি শ্রম বিধির প্রতিবাদ করেছে। বছরের পর বছর সংগ্রামের পরে, শ্রমিকরা অনেক অধিকার অর্জন করেছে। কিন্তু কেন্দ্রীয় সরকার সেই অধিকার লঙ্ঘন করে চারটি শ্রম বিধি চালু করেছে। এর মাধ্যমে, শ্রমিকদের আবারও ১২ ঘন্টা কাজ করতে বাধ্য করা হবে এবং শ্রমিকদের কোনও অধিকার থাকবে না। নিয়োগ কর্তারা চাইলে একসাথে একাধিক কর্মীকে বরখাস্ত করতে পারেন। তিনি আরো বলেন,  কংগ্রেস এদিন শ্রম কমিশনারের কার্যালয়ে একটি স্মারকলিপি জমা দিয়েছে। যাতে কেন্দ্রীয় সরকারকে অবিলম্বে চারটি শ্রম বিধি বাতিল করার দাবি জানানো হয়েছে । আমরা এর পাশাপাশি এই সংক্রান্ত কেন্দ্রীয় সরকারের গেজেট বিজ্ঞপ্তির একটি কপি পুড়িয়ে প্রতিবাদ করেছি।

चार श्रम कोड को निरस्त करने की मांग पर श्रमिक संगठनों ने रैली निकाल सौंपा ज्ञापन

पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल : केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम कोड के खिलाफ विभिन्न वामपंथी श्रमिक संगठनों के तरफ से एक विरोध रैली निकाली गई। विरोध रैली में विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। रैली कर लेबर कमिश्नर ऑफिस तक गए और उन्होंने केंद्र सरकार के चार श्रम कोर्ट के खिलाफ ज्ञापन दिया। इसके जरिए उन्होंने केंद्र सरकार से चार श्रम कोड को निरस्त करने और 21 तारीख को जो केंद्रीय सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसे निरस्त करने की मांग की। रैली में शामिल वामपंथी श्रमिक नेताओं का कहना था कि जिस तरह से केंद्र सरकार द्वारा श्रमिक हितों की अनदेखी करते हुए चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। वह श्रमिक विरोधी हैं और इससे सदियों से संघर्ष के जरिए श्रमिकों ने अपने लिए जो अधिकार अर्जित किए थे। उन पर कुठाराघात किया जाएगा। उन्होंने तुरंत इन श्रम कोड को निरस्त करने की मांग की।

कांग्रेस ने चार श्रम कोड का विरोध कर लेबर कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन कांग्रेस ने चार श्रम कोड का विरोध कर लेबर कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन


पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल : हाल ही में केंद्र सरकार की तरफ से चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। इसका विरोध करते हुए बुधवार को कांग्रेस की तरफ से प्रदर्शन कर लेबर कमिश्नर ऑफिस में ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर कांग्रेस नेता शाह आलम, प्रसेनजीत पुईतंडी के अलावा अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। वहीं कांग्रेस कर्मियों ने केंद्र सरकार द्वारा 21 तारीख को चार श्रम कोड लागू करते हुए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसकी प्रति को जलाया। इस बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए शाह आलम ने बताया कि कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए चार श्रम कोड का विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बहुत सालों के संघर्ष के बाद उन्हें कई अधिकार प्राप्त हुए थे लेकिन केंद्र सरकार उन अधिकारों का हनन करने के लिए चार श्रम कोड लेकर आई है। इसके जरिए श्रमिकों को फिर से 12 घंटे काम करना पड़ेग। श्रमिकों के पास कोई अधिकार नहीं रहेंगे। मालिक पक्ष अगर चाहेगा तो एक बार में कई श्रमिकों को नौकरी से निकल सकता है। इन सब मुद्दों के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लेबर कमिश्नर ऑफिस को ज्ञापन सौंपा गया और केंद्र सरकार से मांग की गई कि तुरंत चार श्रम कोड निरस्त किया जाए।