पानी और सुरक्षा की मांग को लेकर इंटक का बर्नपुर टाउन कार्यालय के सामने प्रदर्शन

पब्लिक न्यूज बर्नपुर।श्रमिक संगठन इंटक (INTUC) की ओर से आज बर्नपुर टाउन कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन पीने के पानी की भारी किल्लत और कर्मचारियों के क्वार्टरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग को लेकर किया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बर्नपुर रांगापाड़ा न्यू टाउन टाउनशिप में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस समस्या को लेकर कई बार प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पानी की कमी के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इंटक नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि टाउनशिप के क्वार्टरों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। उनका कहना है कि जब भी कोई कर्मचारी अपने क्वार्टर से बाहर जाता है, चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी बार-बार प्रबंधन के सामने रखी गई, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इन्हीं समस्याओं से मजबूर होकर आज इंटक ने विरोध प्रदर्शन किया और टाउन कार्यालय के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में इंटक के कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।

ডঃ মনমোহন সিংয়ের মৃত্যুতে শোকস্তব্ধ বার্নপুর / ইস্কো কারখানার পুনর্জীবনে অগ্রণী ভূমিকায় কুর্নিশ, অপূরনীয় ক্ষতি

পাবলিক নিউজঃ আসানসোল :– দেশের প্রাক্তন প্রধানমন্ত্রী ডঃ মনমোহন সিংয়ের মৃত্যুতে গোটা দেশে শোকের ছায়া। ভারতীয় রাজনীতি ও অর্থনীতিতে তার মৃত্যু অপূরনীয় ক্ষতি। কিন্তু প্রাক্তন প্রধানমন্ত্রীর মৃত্যু স্টিল সিটি বা ইস্পাত নগরী বার্নপুরের জন্য “ব্যক্তিগত ক্ষতি” বলে মনে করেন কংগ্রেসের শ্রমিক সংগঠন আইএনটিইউসির রাজ্য সম্পাদক তথা ইস্কো কারখানার কর্মী ইউনিয়নের সাধারণ সম্পাদক হরজিৎ সিং। আজ বার্নপুর ইস্কো কারখানা পুনর্জীবনের মাধ্যমে আধুনিকীকরণ মধ্যে দিয়ে ঘুরে দাঁড়িয়ে দেশের অন্যতম হওয়ায় জন্য দৌড়ে রয়েছে। তাই ইস্পাত নগরী প্রয়াত ডঃ মনমোহন সিংকে কুর্নিশ জানায়।
পুরনো সেই দিনগুলোর (২০০৬ সাল) কথা স্মরণ করে তৎকালীন প্রধানমন্ত্রী ডঃ মনমোহন সিংয়ের কথা বলতে গিয়ে শুক্রবার হরজিৎ সিং জানান, ঐ সময় ইস্কো কারখানা ১৪ বছর ধরে বিআইএফআরে ছিলো। যার কারণে কারখানাটি কোথাও থেকে আর্থিক সহায়তা পাচ্ছিলো না। শ্রমিকরা কখনও ২ মাস পরে, কখনও বা ৩ মাস পরে বেতন পাচ্ছিলেন। তখন কেন্দ্রে কংগ্রেসের নেতৃত্ব ইউপিএ -১ সরকার চলছে। প্রধানমন্ত্রী হয়েছেন দেশের অন্যতম অর্থনীতিবিদ ডঃ মনমোহন সিং। আমরা তখন ইস্কো কারখানাকে বাঁচানোর জন্য পাঁচ শ্রমিক সংগঠন মিলে ” ইস্কো সেভ কমিটি ” তৈরি করেছি। এমন পরিস্থিতিতে প্রধানমন্ত্রী মনমোহন সিংয়ের সাথে দেখা করার জন্য একটি অ্যাপয়েন্টমেন্ট নেওয়া হয়েছিল। তখন রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী হলেন বুদ্ধদেব ভট্টাচার্য। কেন্দ্রীয় ইস্পাত মন্ত্রী রামবিলাস পাসোয়ান। হরজিৎবাবু আরো বলেন, আমরা দিল্লিতে গিয়ে দুবার প্রধানমন্ত্রী মনমোহন সিংয়ের সঙ্গে দেখা করি। বাংলায় ইস্কো কারখানার গুরুত্ব এবং ইন্দিরা গান্ধী কিভাবে ১৯৭২ সালে বার্নপুরের এই কারখানাটিকে জাতীয়করণ করেছিলেন সে সম্পর্কে ব্যাখ্যা করেছিলাম। ডঃ মনমোহন সিংকে বলা হয়েছিল যে হাজার হাজার শ্রমিক এবং তাদের পরিবার এই কারখানার উপর নির্ভরশীল। তাই এই কারখানাটিকে বাঁচানো অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। ডঃ মনমোহন সিং আমাদের সব শুনেছিলেন। সেগুলিকে তিনি গুরুত্ব সহকারে নেন। অবশেষে এই কারখানাটিকে ২০০৬ সালে ১৬ ফেব্রুয়ারি সেলের সাথে সংযুক্তিকরণ করা হয়। প্রথমে ঠিক হয় ২.৫ মিলিয়ন টন উৎপাদন করা হবে। বিনিয়োগ করা হবে ১০ হাজার কোটি টাকা। কিন্তু সময় বেশি হওয়ার কারণে তা বেড়ে ১৮ হাজার কোটি টাকা বার্নপুর ইস্কো কারখানায় বিনিয়োগ করা হয়েছিলো। ২০০৬ সালের ২৪ অক্টোবর বার্নপুরে এসে ডাঃ মনমোহন সিং, তৎকালীন ইস্পাত মন্ত্রী রাম বিলাস পাসোয়ান এবং তৎকালীন মুখ্যমন্ত্রী বুদ্ধদেব ভট্টাচার্যের উপস্থিতিতে কারখানার আধুনিকীকরণ ও সম্প্রসারণ ( মর্ডানাইজেশন ও এক্সপানসান) স্টোন লে ফাউন্ডেশন বা ভিত্তি প্রস্তর করেছিলেন। নিরাপত্তার কারণে বার্নপুর এয়ারস্ট্রিপের ভেতরে অনুষ্ঠানের মঞ্চ তৈরি করা হয়েছিলো। শ্রমিক নেতা বলেন ডঃ মনমোহন সিংয়ের কারণেই এই কারখানাটি বেঁচে গেছে। বর্তমানে এই কারখানা উৎপাদন ২.৫ মিলিয়ন টন থেকে বেড়ে ৪.৫ মিলিয়ন টন করার লক্ষ্যমাত্রা নেওয়া হয়েছে। ভবিষ্যতে ৭ মিলিয়ন টন করার পরিকল্পনা নেওয়া হয়েছে। বিনিয়োগ করা হবে ৩৫ হাজার কোটি টাকা। ২০২৯ সালে কারখানা আরো বৃহত্তর হবে। তাই আমরা মনে করি ডঃ মনমোহন সিংয়ের মৃত্যু বার্নপুরের মানুষদের জন্য ব্যক্তিগত ক্ষতি।
প্রসঙ্গতঃ, সেদিনের উদ্বোধনের মঞ্চে আরো দুজন ছিলেন। তারা হলেন তৎকালীন কেন্দ্রীয় মন্ত্রী প্রিয়রঞ্জন দাসমুন্সি ও আসানসোলের সাংসদ বংশগোপাল চৌধুরী। প্রিয়রঞ্জন দাসমুন্সি আগেই প্রয়াত হয়েছেন।

আসানসোলে কংগ্রেস পার্টি অফিসে প্রয়াত প্রধানমন্ত্রীকে শ্রদ্ধা

পাবলিক নিউজঃ আসানসোল :– দেশের প্রাক্তন প্রধানমন্ত্রী ডঃ মনমোহন সিংয়ের প্রয়াণে দেশজুড়ে কংগ্রেস কর্মীরা শোকস্তব্ধ। আসানসোলেও কংগ্রেসের নেতা ওকর্মীদের মধ্যে শোকের ছায়া নেমে এসেছে। শুক্রবার সকালে আসানসোলের জিটি রোডের গীর্জা মোড সংলগ্ন এলাকায় কংগ্রেসের জেলা পার্টি অফিসের সামনে ডঃ মনমোহন সিংয়ের প্রতি শ্রদ্ধা জানাতে এক অনুষ্ঠান হয়। সেখানে প্রয়াত প্রধানমন্ত্রীর ছবিতে ফুল দিয়ে শ্রদ্ধা জানান কংগ্রেসের রাজ্য সম্পাদক প্রসেনজিৎ পুইতুন্ডি, ব্লক সভাপতি শাহ আলম প্রসেনজিৎ পুইতুন্ডি সহ কংগ্রেসের নেতা ও কর্মীরা। ডঃ মনমোহন সিংকে শ্রদ্ধা জানিয়ে নতুন শতাব্দীর ভারত নির্মাণে তার অবদানের কথা স্মরণ করে প্রসেনজিৎ পুইতুন্ডি ও শাহ আলম বলেন, ডঃ মনমোহন সিংয়ের প্রয়াণে ভারতের অপূরণীয় ক্ষতি হয়েছে। ভারতের প্রাক্তন রাষ্ট্রপতি ডঃ এপিজে আবদুল কালামের মৃত্যুতে গোটা দেশ যেমন৷ শোকস্তব্ধ হয়েছিলো, তেমনি ড. মনমোহন সিংয়ের মৃত্যুতে গোটা দেশ শোক প্রকাশ করছে। তারা আরো বলেন, যিনি ভারতকে অর্থনৈতিকভাবে শক্তিশালী করে তুলেছেন, সেই তিনি ১০ বছর ধরে দেশের প্রধানমন্ত্রী ছিলেন। আজ বার্নপুর ইস্কো কারখানার বর্তমান চেহারা ও শহরের উন্নয়নে ডঃ মনমোহন সিংয়ের অবদান রয়েছে।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।श्रमिक नेता हरजीत सिंह ने कहा कि उस समय ईसको कारखाना 14 सालों तक बीएफआर में था जिस वजह से कारखाने को कहीं से भी आर्थिक मदद दी

पब्लिक न्यूज़ आसनसोल :– देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। लेकिन इस्पात नगरी बर्नपुर के लिए यह नुकसान एक निजी नुकसान की तरह महसूस हो रहा है इसकी वजह यह है कि बर्नपुर में ईसको कारखाने को बचाने में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही उन दोनों को याद करते हुए श्रमिक नेता हरजीत सिंह ने कहा कि उस समय ईसको कारखाना 14 सालों तक बीएफआर में था जिस वजह से कारखाने को कहीं से भी आर्थिक मदद नहीं मिल रही थी। श्रमिकों को कभी 2 महीने तो कभी 3 महीने बाद वेतन मिल रहा था ऐसे में प्रिय रंजन दास मुंशी के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मिलने का समय लिया गया उस समय बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य थे और केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान थे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ईसको कारखाने के महत्व के बारे में समझाया गया की किस तरह से 1972 में इंदिरा गांधी ने बर्नपुर के ईसको कारखाने का राष्ट्रीयकरण किया था। डॉ मनमोहन सिंह को यह बताया गया कि इस कारखाने पर हजारों श्रमिक और उनके परिवार निर्भर करते हैं ऐसे में इस कारखाने को बचाना बहुत जरूरी है। डॉ मनमोहन सिंह ने उनकी बातों को सुना और गंभीरता से लिया और आखिरकार 18000 करोड़ की लागत से कारखाने का विकास किया गया उससे पहले इस कारखाने का सेल के साथ विलय किया गया। आखिरकार डॉक्टर मनमोहन सिंह तत्कालीन इस्पात मंत्री रामविलास पासवान तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की मौजूदगी में 24 अक्टूबर 2006 को कारखाने का उद्घाटन किया गया उन्होंने कहा कि तब से लेकर आज तक यह कारखाना दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है और इसके लिए जो इंसान जिम्मेदार है वह हैं डॉक्टर मनमोहन सिंह उनकी वजह से यह कारखाना फिर से बच पाया और आज इस कारखाने में 2.5 मिलियन टन का उत्पादन होता है जिसे बढ़ाकर 4.5 मिलियन टन किया जाएगा उन्होंने कहा कि ईसको कारखाने में काम करने वाले लोगों के लिए डॉक्टर मनमोहन सिंह का जाना एक निजी क्षति की तरह है

देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर पूरे देश के कांग्रेस कर्मियों में शोक है। आसनसोल में भी कांग्रेस कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।

पब्लिक न्यूज़ आसनसोल :–देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर पूरे देश के कांग्रेस कर्मियों में शोक है। आसनसोल में भी कांग्रेस कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। आज कांग्रेस की तरफ से आसनसोल के गिरजा मोड इलाके में बने कांग्रेस पार्टी कार्यालय के सामने डॉक्टर मनमोहन सिंह की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया इस मौके पर यहां कांग्रेस नेता शाह आलम प्रसनजीत पुईतुंडी सहित इस क्षेत्र के तमाम कांग्रेस नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे सभी ने डॉक्टर मनमोहन सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। उन्होंने नई सदी के भारत के निर्माण में डॉ मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया इस बारे में अपना वक्तव्य रखते हुए शाह आलम ने कहा कि आज डॉक्टर मनमोहन सिंह के चले जाने से भारत को अपूरणीय क्षति हुई है उन्होंने कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह ने भारत के आर्थिक विकास की नींव रखी थी वह एक बहुत बड़े विद्वान व्यक्ति थे जैसे भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के देहांत के बाद सबको दुख हुआ था ठीक वैसे ही डॉक्टर मनमोहन सिंह का जाना भी दुखदाई है उन्होंने कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह ने भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया था उनकी नीतियों की वजह से भारत विकास के पद पर अग्रसर हुआ था 10 साल वह देश के प्रधानमंत्री रहे उन 10 सालों में देश ने आर्थिक विकास देखा था उन्होंने कहा कि आसनसोल के निकट इस्पात नगरी बर्नपुर के वर्तमान विकास में डॉक्टर मनमोहन सिंह का योगदान है। वही प्रसनजीत पुईतुंडी ने भी डॉ मनमोहन सिंह को याद करते हुए कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह एक ऐसे व्यक्ति थे जो बेहद गरीब परिवार से आते थे इसलिए उनको यह पता था कि विकास के लिए शिक्षा कितनी जरूरी है इसलिए उन्होंने शिक्षा पर जोर दिया आज जिस मिड डे मील की बात कही जा रही है वह डॉक्टर मनमोहन सिंह की सोच का नतीजा है 1991 में वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने आर्थिक विकास की नींव डाली जिसकी वजह से आज भारत विश्व का पांचवा सबसे बड़ा आर्थिक शक्ति होने का दावा कर सकता है उन्होंने इस बात को समझा कि अगर भारत को आर्थिक रूप से सशक्त होना है तो भारत के आंतरिक शक्ति को बढ़ाना है और उसका एकमात्र उपाय शिक्षा पर जोर देना है इसलिए उनके नीति ऐसी रही जिससे कि समाज के वंचित वर्ग को शिक्षित किया जा सके उन्हें शिक्षा के धारा से जोड़ा जा सके। राइट टू इनफार्मेशन हो या फूड सिक्योरिटी ऐसे कई कार्य है जो डॉ मनमोहन सिंह ने किया उन्होंने कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह ने इस देश के विकास के लिए जो किया है उसे यह देश कभी नहीं भूल सकता

রেলের কর্মীদের নির্বাচনে কংগ্রেসের জয়, উচ্ছ্বাস আসানসোল শাখায়।

পাবলিক নিউজঃ অলোক চক্রবর্তী আসানসোল:– বিগত ৪, ৫ ও ৬ তারিখ সারা ভারতে রেলের ট্রেড ইউনিয়নের নির্বাচনে ৩৫ শতাংশের বেশি ভোটে জয়লাভ করলো রেলওয়ে মেনস কংগ্রেস তারা আসানসোল, মালদা, জামালপুর, হাওড়া এবং সমস্তিপুর শাখায় জয়লাভ করে। বি রাউত নামে এক কর্মী জানান বিগত তিন দিন ধরে রেলের ট্রেড ইউনিয়নের নির্বাচনের ফল ঘোষণা হয় ১২ ই ডিসেম্বর সেখানে রেলের ট্রেড ইউনিয়ন মেনস কংগ্রেস বিপুল ভোটে জয়লাভ করেছেন। বৃহস্পতিবার সকালে নির্বাচনের ফল ঘোষণা হবার পর আসানসোল স্টেশন রোডের মেনস কংগ্রেসের দপ্তরে কর্মীরা আবির খেলে বাজনার তালে নেচে উচ্ছ্বাস প্রকাশ করেন।