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पब्लिक न्यूज आसनसोल: आसनसोल के डिपूपाड़ा इलाके के केडिया बैरक में रेलवे की दीवार तोड़कर फ्लैट निर्माण और मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता बनाए जाने का आरोप सामने आया है। मामले के बाद रेलवे की जमीन और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रात के अंधेरे में पत्थर लदा एक हाइवा रेलवे की दीवार तोड़कर आगे जाने की कोशिश के दौरान बारिश के कारण रास्ते में फंस गया था। इसके बाद दो जेसीबी मशीनों की मदद से हाइवा को निकालने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और कथित तौर पर क्षतिग्रस्त रेलवे दीवार का दोबारा निर्माण कराया। हालांकि, आरोप है कि दीवार बनाए जाने के महज दो दिन बाद ही उसे फिर से तोड़ दिया गया और मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया।

इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि यदि रेलवे की जमीन या संरचना से जुड़े किसी निर्माण अथवा रास्ते के लिए रेलवे प्रशासन की अनुमति और निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है, तो कथित तौर पर रेलवे की दीवार को बार-बार तोड़कर निर्माण कार्य या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए रास्ता कैसे बनाया जा रहा है?

यह भी सवाल उठ रहा है कि जब रेलवे अधिकारियों को पहले हुई घटना की जानकारी मिल चुकी थी और क्षतिग्रस्त दीवार का पुनर्निर्माण भी कराया गया था, तो उसके बाद कथित तौर पर दीवार दोबारा कैसे तोड़ी गई? क्या इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या किसी की अनुमति से यह काम किया जा रहा है?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आसनसोल स्टेशन से पुराने स्टेशन की ओर जाने वाले रास्ते में छोटा बाजार के पास कथित तौर पर निर्माण कार्य चल रहा है। बार-बार रेलवे की दीवार तोड़े जाने के आरोप के बाद इलाके में चर्चा और हलचल का माहौल है।

हालांकि, फिलहाल ये सभी आरोप और सवाल हैं तथा इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति या संस्था की मिलीभगत अथवा अवैध निर्माण में संलिप्तता की पुष्टि आधिकारिक जांच के बिना नहीं की जा सकती।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग से वैध अनुमति ली गई है या नहीं और रेलवे की जमीन अथवा दीवार से होकर मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए रेलवे प्रशासन से कोई आधिकारिक स्वीकृति प्राप्त हुई है या नहीं।

अब पूरे मामले में रेलवे प्रशासन के आधिकारिक बयान और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि रेलवे की ओर से बनाई गई दीवार दोबारा तोड़ी गई है, तो यह किसकी अनुमति से हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी है?

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