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पब्लिक न्यूज आसनसोल डेस्क रिपोर्ट।
भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण के उद्देश्य से ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ की राष्ट्रव्यापी शुरुआत की गई है। यह अभियान किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के बैनर तले न होकर पूर्णतः आध्यात्मिक, अहिंसक और जनआधारित बताया गया है। अभियान के प्रधान संरक्षक गौ माता (आद्यशक्ति माँ सुरभि) तथा अध्यक्ष नंदी बाबा को माना गया है।
तीन मूल अधिकारों की मांग
अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकारों से गौ माता के लिए तीन मूल अधिकारों की मांग की जा रही है—
सेवा: गौ माता के संरक्षण, पालन और देखभाल हेतु उचित सरकारी अनुदान।
सुरक्षा: संपूर्ण भारत में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध।
सम्मान: गौ माता को संवैधानिक रूप से ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा।
सरकार के समक्ष प्रमुख कानूनी व आर्थिक प्रस्ताव
अभियान के तहत सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव और प्रस्ताव सौंपे जाएंगे—
कानूनी प्रावधान: गौहत्या एवं गौ तस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कठोर कारावास की सजा तथा तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त कर नीलामी अथवा गौशालाओं को सौंपने का प्रावधान।
गो-आधारित अनुसंधान: गोबर और गोमूत्र पर शोध के लिए विशेष विश्वविद्यालयों की स्थापना तथा रासायनिक खेती के स्थान पर गो-आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा।
अनिवार्य उपयोग: सरकारी भवनों में गोबर पेंट और ‘गौनाईल’ का अनिवार्य उपयोग तथा मंदिरों के भोग-प्रसाद में केवल देशी गाय के दूध और घी का प्रयोग।
गौशाला प्रबंधन: गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ना, बिजली बिल में छूट देना तथा सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों के साथ गौशालाओं का संचालन अनिवार्य करना।
शिक्षा एवं स्वास्थ्य: विद्यालयों में देशी गाय के महत्व को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करना तथा जिला स्तर पर पंचगव्य चिकित्सालयों की स्थापना।
2026–27 की चरणबद्ध कार्ययोजना
अभियान को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा—
जनवरी से मार्च 2026: देश के 700 जिलों और 5,000 तहसीलों में जनसंपर्क अभियान।
27 अप्रैल 2026: तहसील स्तर पर तहसीलदार/एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन।
27 जुलाई 2026: जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रार्थना पत्र।
27 अक्टूबर 2026: प्रदेश की राजधानियों में मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के माध्यम से मांगें प्रस्तुत।
27 फरवरी 2027 से 15 अगस्त 2027: अनुकूल उत्तर न मिलने की स्थिति में दिल्ली में शांतिपूर्ण संकीर्तन और संतों का जमावड़ा।
अंतिम चरण: मांगें पूरी न होने पर 5-5 गौ भक्तों द्वारा आमरण अनशन।
अभियान की प्रमुख विशेषताएँ
अभियान पूरी तरह अहिंसक रहेगा।
किसी भी सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।
पोस्टर और बैनरों पर किसी नेता या अभिनेता का चित्र नहीं होगा, केवल गौ माता और नंदी बाबा का चित्र प्रदर्शित किया जाएगा।
मंचीय भाषणों के बजाय संकीर्तन और प्रार्थना पत्रों के माध्यम से संवाद स्थापित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, यह अभियान जनभावनाओं के सम्मान के साथ संवैधानिक दायरे में रहकर गौ संरक्षण और सम्मान की दिशा में एक राष्ट्रव्यापी जनचेतना अभियान है।

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