Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares जर्मनी में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतने वाले अभिनव साव को मिला ‘अटल खेल सम्मान’, राज्य सरकार ने दी 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायताPublic Newz आसनसोल: देश-विदेश में कई स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके आसनसोल के 18 वर्षीय युवा शूटर अभिनव साव को आखिरकार अपने ही राज्य से सम्मान और स्वीकृति मिल गई। एक समय राज्य सरकार से सहयोग और मान्यता नहीं मिलने से नाराज अभिनव ने बंगाल छोड़कर किसी दूसरे राज्य की ओर से प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मन बना लिया था। लेकिन अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के हाथों उन्हें ‘अटल खेल सम्मान’ प्रदान किया गया। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से अभिनव को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई।सम्मान मिलने के बाद अभिनव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “घर की स्वीकृति का स्वाद ही अलग होता है।”अभिनव ने बताया कि विदेशों में कई पदक जीतने के बावजूद उन्हें बंगाल से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था। शूटिंग की बेहतर तैयारी के लिए उन्होंने अमृतसर के एक कॉलेज में दाखिला लिया था। उनका इरादा था कि भविष्य में किसी दूसरे राज्य की ओर से प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। हालांकि, अब उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है। अभिनव ने कहा कि वह बंगाल के लिए ही खेलना चाहते हैं।जानकारी के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले राज्य के नए खेल मंत्री डॉ. इंद्रनील खां ने अभिनव और उनके पिता रूपेश कुमार साव से बातचीत की थी। इस दौरान सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद साव परिवार ने बंगाल छोड़ने का अपना फैसला बदल दिया।जर्मनी में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्डअभिनव साव ने जर्मनी में आयोजित विश्व जूनियर शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। इस प्रतियोगिता में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा राष्ट्रीय खेलों में भी अभिनव ने कांस्य पदक अपने नाम किया है।उनके ट्रॉफी कैबिनेट में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई पदक मौजूद हैं। जूनियर वर्ग में अभिनव फिलहाल देश में नंबर-1 स्थान पर हैं, जबकि सीनियर वर्ग में उनकी रैंकिंग छठे स्थान पर बताई जा रही है। अब उनकी नजर 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर है और वह इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं।पिता बोले- आर्थिक मदद से मिलेगी बेहतर ट्रेनिंगअभिनव के पिता रूपेश कुमार साव ने कहा कि उनका खुद शूटर बनने का सपना था, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण वह पूरा नहीं हो सका। इसलिए अभिनव के जन्म के बाद ही उन्होंने तय कर लिया था कि बेटे को एक बेहतरीन शूटर बनाएंगे।उन्होंने कहा कि अभिनव को कई सफलताएं मिली हैं, लेकिन इतने लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार से सम्मान और स्वीकृति मिलना उनके लिए बेहद संतोष की बात है। खेल मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अभिनव को अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान देना चाहिए और आर्थिक जरूरतों की चिंता सरकार करेगी।रूपेश कुमार साव ने कहा कि सरकार से मिली आर्थिक सहायता के बाद अभिनव की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब पूरा ध्यान ओलंपिक की तैयारी पर है। आर्थिक सहायता से अभिनव को और बेहतर प्रशिक्षण लेने में मदद मिलेगी। विदेशों में विदेशी कोचों से प्रशिक्षण लेकर वह भविष्य में देश और बंगाल के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा, ऐसा उन्हें पूरा विश्वास है। Facebook 0 Twitter/X 0 WhatsApp0 Print0 0Shares Post navigation परीक्षा के तनाव में डॉक्टर छात्र ने उठाया खौफनाक कदम, दुर्गापुर के निजी अस्पताल के हॉस्टल से फंदे पर लटका शव बरामद अतिवृष्टि के चलते मैथन और पंचेत से करीब 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, निचले इलाकों में अलर्ट