आसनसोल में जमीन विवाद को लेकर भारी तनाव, सेल आईएसपी और निजी जमीन मालिक आमने-सामने


पब्लिक न्यूज भरत पासवान पश्चिम बर्धमान, आसनसोल:आसनसोल के मनोज सिनेमा हॉल से सटे इलाके में गुरुवार को जमीन कब्जे को लेकर भारी तनाव फैल गया। सेल आईएसपी (SAIL ISP) की एक जमीन को लेकर सेल प्रबंधन और एक निजी जमीन मालिक के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
सेल आईएसपी प्रबंधन का दावा है कि विवादित जमीन उनकी स्वामित्व वाली है। वहीं, संबंधित निजी जमीन मालिक का कहना है कि उनके पास उस जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज और कागजात मौजूद हैं और वह जमीन सेल की नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद दो अलग-अलग प्लॉट नंबरों को लेकर है। आरोप है कि जिस जमीन को सेल प्रबंधन अपनी बता रहा है, वहां पहुंचने के लिए दूसरे व्यक्ति की निजी जमीन से होकर जाना पड़ता है। इसी बात को लेकर जमीन मालिक ने कड़ा विरोध जताया।
जमीन मालिक ने आरोप लगाते हुए कहा,
“अगर वह जमीन वास्तव में सेल की है, तो वहां नोटिस बोर्ड या साइन बोर्ड लगाया जाए। लेकिन हमारी निजी जमीन से होकर आना-जाना या बाउंड्री तोड़कर घुसना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। हमारे गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसना पूरी तरह गैरकानूनी है।”
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक स्थिति को नियंत्रित किए रखा, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
हालांकि आरोप है कि अंततः संबंधित गेट का ताला तोड़ दिया गया और जमीन की बाउंड्री के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर सेल प्रबंधन ने अपनी बताई जा रही जमीन पर बोर्ड लगा दिया।
इस घटना से नाराज निजी जमीन मालिक ने कहा,
“जिन लोगों ने मेरा गेट का ताला तोड़ा और जबरन मेरी जमीन से होकर गए, उनके खिलाफ मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा।”
दोपहर करीब 2 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार चले तनाव के बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन नजर बनाए हुए है।

चुनाव से पहले पूर्व सीपीएम नेता मोहम्मद सरफुद्दीन की गोली मारकर हत्या, नमाज के लिए जाते समय बाइक सवार का हमला—सीसीटीवी फुटेज वायरल

पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल:–पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल उस वक्त और गरमा गया, जब आसनसोल के हीरापुर थाना अंतर्गत करीमडंगाल इलाके में पूर्व सीपीएम नेता मोहम्मद सरफुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज घटना उस समय हुई, जब वे अहले सुबह नमाज अदा करने के लिए अपने घर से पास की मस्जिद की ओर जा रहे थे। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और राजनीतिक हलकों में भारी हलचल मच गई है।
परिजनों के अनुसार, मोहम्मद सरफुद्दीन रोज़ की तरह सुबह करीब 5 बजे नमाज पढ़ने के लिए निकले थे। तभी एक अज्ञात हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके सामने से गुज़रा और कुछ दूरी पर जाकर वापस लौट आया। इसके बाद हमलावर उनके पीछे-पीछे गया और अचानक सामने से रास्ता रोक लिया। इसी दौरान हमलावर और सरफुद्दीन के बीच हल्की झड़प हुई। इसके बाद हमलावर ने अचानक पिस्टल निकाली और सरफुद्दीन पर फायरिंग कर दी।
गोली लगते ही मोहम्मद सरफुद्दीन ज़मीन पर गिर पड़े। उनके मुंह और नाक से लगातार खून बहने लगा। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गया। पूरी वारदात घटनास्थल पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही हीरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी इप्शिता दत्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ शुरू की। गंभीर रूप से घायल सरफुद्दीन को स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा इलाज के लिए आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई मोहम्मद जैनुल ने बताया कि सरफुद्दीन का ग्रिल और रॉड का कारोबार था और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमें समझ में नहीं आ रहा कि आखिर किसने और क्यों इस तरह की वारदात को अंजाम दिया। मेरे भाई का किसी से कोई विवाद नहीं था।” उन्होंने यह भी बताया कि सरफुद्दीन पांच भाइयों में से एक थे।
वहीं मृतक के भतीजे मोहम्मद सानू ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें सुबह जगाकर बताया कि चाचा पर हमला हुआ है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि सरफुद्दीन के नाक और मुंह से खून बह रहा था और आसपास के लोग केवल तमाशबीन बने हुए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके चाचा की मौत केवल गोली लगने से नहीं, बल्कि नाक में गहरी चोट या किसी अन्य कारण से भी हो सकती है।
पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल और गोली का खोखा बरामद किया है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और परिजनों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद सरफुद्दीन एक समय सीपीएम के प्रभावशाली नेता थे। करीब 10 साल पहले उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली थी और ग्रिल-गेट के व्यवसाय से जुड़ गए थे, जो काफी सफल चल रहा था। राजनीति से दूर रहने के बावजूद इलाके में उनकी अच्छी-खासी प्रतिष्ठा और सम्मान था। ऐसे में उनकी हत्या के पीछे का कारण अब भी एक गहरा रहस्य बना हुआ है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और लोग भय के साये में हैं।

पीएचई विभाग की टीम में क्षतिग्रस्त पाइप लाइन का निरीक्षण कर लिया जायजा


पब्लिक न्यूज भरत पासवान बर्नपुर : इसी वर्ष जुलाई माह में कालाझरिया स्थित पीएचई पंप हाउस का पाइप लाइन ब्रिज दामोदर नदी में टूटकर गिर गया था। जिससे आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में जलापूर्ति बाधित रहने के साथ लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर हाल ही में आसनसोल दक्षिण की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल द्वारा आवाज भी उठाई गई थी। वहीं गुरुवार को कोलकाता से पीएचई विभाग के इंजीनियर सहित एक टीम दामोदर नदी पर टूटे हुए पाइप लाइन का मुआयना करने पहुंचे। इस टीम में शामिल इंजीनियरों ने बताया उन्होंने कि सॉइल टेस्ट किया जाएगा और उसके बाद ही यह पता चल पाएगा कि इसको बनाने में कितनी लागत आएगी। वहीं सारे रिपोर्ट जमा करने के बाद ही काम शुरू होगा।

आदिवासी समुदाय के जमीनदाताओं, युवाओं को आधुनिकीकरण में मिले नौकरी, मुआवजा

पब्लिक न्यूज भरत पासवान बर्नपुर : आदिवासी स्टूडेंट एंड यूथ फोरम के बैनर तले आदिवासी समाज के लोगों ने सेल आईएसपी में होने जा रहे आधुनिकीकरण को लेकर अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकाल टनेल गेट समीप आईएसपी के निदेशक प्रभारी कार्यालय के मुख्य गेट समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। इस सैकड़ों आदिवासी युवाओं ने हाथों मांगों से संबंधित पोस्टर लेकर मांगों के संबंध में नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संस्था के अध्यक्ष हीरालाल सोरेन ने बताया कि वर्ष 2006 में जब आखिरी बार सेल आईएसपी में आधुनिकीकरण हुआ था। तब उसके लिए आदिवासी और गैर आदिवासी दोनों समाज के लोगों ने अपनी जमीन दी थी लेकिन देखा गया कि पैसा तो सभी को मिला। लेकिन नौकरी सिर्फ गैर आदिवासी समाज के लोगों को मिली। एक बार फिर सेल आईएसपी में आधुनिकीकरण होने जा रहा है। इसलिए उन्होंने मांग की है कि जमीन देने वाले सभी को पैसे के साथ-साथ नौकरी भी योग्यता के अनुसार मिलनी चाहिए। इसी मांग को लेकर रैली निकाली गई जिसमें हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। इनका कहना था कि 2006 में जब सेल आईएसपी का आधुनिकीकरण हुआ था तब आदिवासी समाज के लोगों को नौकरी पाने के मामले में वंचित किया गया था। ऐसा फिर से न हो यह सुनिश्चित करने के लिए आज की यह रैली निकाली गई। उन्होंने कहा कि सेल आईएसपी के आसपास 29 आदिवासी गांव है, जिसमें हजारों की संख्या में आदिवासी रहते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण के लिए जो जमीन जरूरत है। उसका 50 फीसदी आदिवासी समाज के लोगों द्वारा उपलब्ध कराया गया है, लेकिन फिर भी नौकरी पाने के मामले में आदिवासी समाज के लोगों को वंचित किया जाता है। वहीं प्रदर्शन के पश्चात एक प्रतिनिधिमंडल ने चार सूत्रों से मांगों से संबंधित ज्ञापन सीजीएम इंचार्ज एचआर उमेंद्र पाल सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संस्था के संजय हांसदा, गुरुदास किस्कू, बुद्धेश्वर हांसदा, मालती किस्कू, शांति मुर्मू, मौसमी बास्की, बनमाली हांसदा, शिवानी हांसदा, दुर्गादास मुर्मू सहित काफी संख्या में महिला, पुरुष मौजूद थे।

SAIL BONUS 2025 : NJCS बैठक बेनतीजा, कर्मियो में आक्रोश, 31000 पर भी नहीं माना प्रबंधन, यूनियन के खिलाफ कर्मियों में भारी रोष


पब्लिक न्यूज आसनसोल: स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड में कार्यरत करीब 50000 कार्मिकों के वार्षिक बोनस को लेकर एनजेसीएस की बैठक में सहमति नहीं बन पाई। सुबह से लेकर देर रात तक चली बैठक बेनतीजा समाप्त हुई। इस बैठक मैं बोनस को लेकर यूनियन ही बंटी हुई रही। प्रबंधन 29500 के राशि पर अड़ा रहा वहीं यूनियन ने 40500 से घटते – घटते 31000 पर आ गए। लेकिन फिर भी प्रबंधन राजी नहीं हुआ। इसके बाद सोशल मीडिया पर कार्मिक प्रबंधन और यूनियन नेताओं पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। अब इस स्थिति में लग रहा है कि प्रबंधन पहले की तरह ही कार्मिकों के खाते में राशि स्वत: ट्रांसफर कर देगा.


सीटू की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि स्पात उद्योग में ASPILS (बोनस) उपसमिति की बैठक का परिणाम – 20-9-202520 सितंबर 2025 को आयोजित इस्पात उद्योग की ASPILS (बोनस) उपसमिति की बैठक में CITU/SWFI के प्रतिनिधि ललित मोहन मिश्रा और विश्वरूप बंद्योपाध्याय ने भाग लिया। बैठक में श्रमिक प्रतिनिधियों ने CITU और AITUC जैसे संगठनों के साथ मिलकर ASPILS/बोनस फॉर्मूले पर आपत्ति जताई, जो पिछले वर्षों में बोनस भुगतान को आधे से भी कम कर देता है। 2023 और 2024 की तुलना में 2022 के बावजूद उत्पादन में निरंतर वृद्धि हुई है।श्रमिक प्रतिनिधियों ने मांग की कि ASPILS/बोनस भुगतान 40500 रुपये से कम नहीं होना चाहिए, जैसा कि 2022 में भुगतान किया गया था। इसके अलावा, उन्होंने मजदूरी संशोधन, 39 महीनों के बकाया भुगतान, और अनुबंध श्रमिकों के हित में अतिरिक्त इंक्रीमेंट की मांग की।


प्रबंधन ने ASPILS/बोनस फॉर्मूले को जारी रखने और 29500 रुपये भुगतान की पेशकश की, जिसे श्रमिकों ने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने फॉर्मूला बदलने और बोनस भुगतान में सुधार की मांग दोहराई। हालांकि, बैठक में CITU प्रतिनिधि ने प्रबंधन के 32500 रुपये के प्रस्ताव पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन प्रबंधन की अड़ियल और श्रमिक-विरोधी रवैये के कारण बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।प्रबंधन ने 31000 रुपये के प्रस्ताव पर भी कोई जवाब नहीं दिया, जिससे श्रमिकों में रोष है। ललित मोहन मिश्रा, CITU के महासचिव, SWFI ने मांग की कि सभी संयंत्रों और प्रतिष्ठानों में तत्काल आंदोलन शुरू किया जाए ताकि श्रमिकों के वैध हकों की रक्षा हो सके।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर भु धसान के बाद अब जीटी रोड पर भी इस तरह की घटनाएं घट रहे हैं जिससे लोग बेहद आतंक में है।

आसनसोल पब्लिक न्यूज :– राष्ट्रीय राजमार्ग पर भु धसान के बाद अब जीटी रोड पर भी इस तरह की घटनाएं घट रहे हैं जिससे लोग बेहद आतंक में है। हाल ही में कुल्टी के नबीनगर के पास एंथोनी मोड इलाके में जीटी रोड के किनारे भु धसान हो गया। आज से उस क्षेत्र में इकट्ठे को भरने का काम शुरू किया गया पीडब्ल्यूडी की टीम आई और उन्होंने गढ्ढे को भरने का काम शुरू किया इस मौके पर यहां आसनसोल नगर निगम के पूर्व एमएमआईसी मीर हाशिम भी उपस्थित थे उन्होंने कहा किस क्षेत्र में पुराना खदान था लेकिन ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की लापरवाही की वजह से जब यह खदान बंद हो गया तो उसे ठीक से बालू से भरा नहीं गया इस वजह से यह सारी घटनाएं हो रही है उन्होंने बताया कि जो गड्ढा बना है कहां जा रहा है कि वह 85 फीट गहरा है और इस बात की आशंका है कि अगर इसको ठीक से भरा नहीं गया तो यह और बढ़ सकता है जिससे आसपास के क्षेत्र भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह काम ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड का है लेकिन वह अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं इसी वजह से पीडब्ल्यूडी को यह काम करना पड़ रहा है उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पीडब्ल्यूडी को धन्यवाद दिया जो लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए यह काम कर रहे हैं जब उनसे पूछा गया कि गड्ढे को राख से भरने की कोशिश की जा रही है तो उन्होंने कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होगा इस तरह की घटनाओं में बालु से फीलिंग की जाती है राख से कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राख भरने से कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि बरसात के मौसम में रख बहकर चली जाएगी।

आज वामपंथी श्रमिक संगठन सीटु के तरफ से ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुख्यालय सांकतोड़िया में मैं अभियान चलाया गया

पब्लिक न्यूज आसनसोल :– आज वामपंथी श्रमिक संगठन सीटु के तरफ से ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुख्यालय सांकतोड़िया में मैं अभियान चलाया गया यहां पर श्रमिक संगठन से जुड़े तमाम बड़े नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे 10 सूत्री मांगों के समर्थन में संगठन की तरफ से ईसीएल के सीएमडी को एक ज्ञापन सोपा गया इसके बारे में पत्रकारों की जानकारी देते हुए सीटु की तरफ से कहा गया कि 10 सूत्री मांगों के समर्थन में आज यह आंदोलन किया जा रहा है इनमें श्रमिक सुरक्षा अस्थाई ठेका श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के राय के अनुसार वेतन देने कोयला उद्योग को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास का विरोध करते हुए श्रमिकों की बात को प्रबंधन के सामने रखे गए इसके अलावा जिन इलाकों में भु धसान हुआ है उन इलाकों के लोगों को पुनर्वास देने को लेकर भी आज ज्ञापन में मांग उठाई गई उन्होंने कहा कि वामपंथियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में केस किया गया था इसके बाद 2660 करोड रुपए पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार और कोल इंडिया को देने के लिए कहा गया था ताकि पुनर्वास पैकेज दिया जा सके लेकिन अभी तक यह काम नहीं हुआ है खदानों में श्रमिकों के सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जाता है ऐसे ही 10 मुद्दों को लेकर आज एक मांग पत्र यहां के सीएमडी को दिया गया उन्होंने आश्वासन दिया कि 13 तारीख को फिर से इस मुद्दे पर वह बैठक करेंगे।

बालू लदे ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार की मौत हो गई काजी नजरूल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा सोमवार दोपहर 12:30 बजे के आसपास उत्तर थाना के कल्ला हरिपाठ हाई स्कूल के पीछे गांव के रास्ते पर जा रहे थे जब यह दुर्घटना घटी

आसनसोल पब्लिक न्यूज :– बालू लदे ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार की मौत हो गई काजी नजरूल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा सोमवार दोपहर 12:30 बजे के आसपास उत्तर थाना के कल्ला हरिपाठ हाई स्कूल के पीछे गांव के रास्ते पर जा रहे थे जब यह दुर्घटना घटी आसनसोल के ताजी नजरूल विश्वविद्यालय के बंगला विभाग के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रा का नाम राम तिवारी था उसकी उम्र 20 साल से वह बाराबनी थाना के दोमहानी मदनपुर शिव मंदिर इलाके की निवासी थी मंगलवार दोपहर का जिला अस्पताल में छात्रा के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि सोमवार दोपहर 12:30 बजे के आसपास राम तिवारी घर से स्कूटी लेकर कल्ला की तरफ जा रहे थे। उसे समय आसनसोल उत्तर थाना के कल्ला हरिपद हाई स्कूल के पीछे गांव के रास्ते पर एक बालू भरा ट्रैक्टर इस वजह से छात्रा रास्ते पर गिर गई सानिया लोगों ने राम को इलाज के लिए आसनसोल के विवेकानंद सारणी के एक निजी अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर पाकर उनके परिवार के सदस्य और सहपाठी अस्पताल आए इस दर्दनाक घटना से उनके परिवार के साथ-साथ नजरूल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों अध्यापक और अध्यापिकाओं में भी शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने बताया कि उसे ट्रैक्टर को जब तक किया गया है ट्रक चालक की तलाश जारी है इस घटना में एक अस्वाभाविक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

टीएमसी पार्षद अशोक रुद्रा ने आज बर्नपुर में त्रिवेणी मोड़ के पास अपने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया उन्होंने कहा कि एक अफवाह उड़ाई जा रही है कि बर्नपुर पोस्ट ऑफिस अपनी वर्तमान जगह से हटाया जा रहा

आसनसोल बर्नपुर पब्लिक न्यूज – टीएमसी पार्षद अशोक रुद्रा ने आज बर्नपुर में त्रिवेणी मोड़ के पास अपने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया उन्होंने कहा कि एक अफवाह उड़ाई जा रही है कि बर्नपुर पोस्ट ऑफिस इस समय जिस जगह पर है वहां से उसे हटाया जा रहा है जिस वजह से लोगों में काफी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। अशोक रूद्र ने कहा कि इस पोस्ट ऑफिस पर इस क्षेत्र के कई लोग व्यापारी इसको कर्मचारी रेलवे के कर्मचारी वरिष्ठ नागरिक निर्भर हैं। वहां पर जो स्टेट बैंक है उसकी जगह को भी काम कर दिया गया है इसको द्वारा जो पैसा लिया जाता था रिन्यू करने के समय उसको लेकर काफी बातचीत की गई आखिरकार 4 लाख में तय किया गया लेकिन जगह कम कर दिए जाने की वजह से वहां के दुकानदारों को समस्या हो रही है आज स्थिति को जानने के लिए वह खुद बर्नपुर हेड पोस्ट ऑफिस गएथे पुराने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के चीफ मैनेजर से भी बात की उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं मार्केट पोस्ट ऑफिस का भी हटाने के बाद लगातार लगभग 4 सालों से कहीं जा रही है जिसे लोगों ने अभी आंदोलन करके रोक रखा है लेकिन इसको मार्केट पोस्ट ऑफिस के रख रखाव को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है।

বার্নপুরে দুটি নির্মাণ নিয়ে এলাকার বাসিন্দাদের প্রশ্ন / কাঠগড়ায় সেল আইএসপি কতৃপক্ষের ভূমিকা / স্মারকলিপি কাউন্সিলরকে…………বার্নপুর, ২৫ জুনঃ

পাবলিক নিউজ ডেস্ক:-আসানসোল পুরনিগমের বার্নপুর এলাকার তৃনমুল কংগ্রেসের কাউন্সিলর অশোক রুদ্র বার্নপুরের একটি জমিতে দুটি নির্মাণ প্রকল্প নিয়ে প্রশ্ন তুলেছেন। তিনি বলেন, যে জমিতে এই দুটি নির্মাণ প্রকল্প চলছে, সেখানে দুটি ছোট দোকান এবং একটি শিব মন্দির ছিলো যেখানে আগে গণেশ পূজা হতো। কিন্তু এখন সেখানে কয়েক হাজার বর্গফুটের দুটি বড় ভবন তৈরি হচ্ছে। তিনি আরো বলেন, এলাকার মানুষ, ক্ষুদ্র কৃষকরা, এই সংক্রান্ত একটি স্মারকলিপি আমার কাছে জমা দিয়েছেন। তাতে তারা এই নির্মাণ কাজটি বৈধ না অবৈধ তা খুঁজে বার করার জন্য অনুরোধ করেছেন। তিনি বলেন, এখানে আগে বলা হয়েছিল যে একটি আউটলেট তৈরি করা হবে। সেই সময় কিন্তু কেউ এর বিরোধিতা করেননি। কারণ এখানে একটি শিব মন্দির, দুটি দোকান এবং গণেশ পূজা হতো। তাই প্রথমে কিছুটা ঝামেলা হয়েছিলো। কিন্তু স্থানীয় কাউন্সিলর হওয়ার কারণে আমি  স্থানীয় জনগণের সাথে বসে শান্তিপূর্ণভাবে বিষয়টি সমাধান করেছিলাম।  কিন্তু এখন স্থানীয় জনগণ বলছেন যে এখানে দুটি নির্মাণ কাজ অবৈধভাবে করা হচ্ছে। অশোক রুদ্র প্রশ্ন তোলেন, যখন এই বার্নপুরে স্থানীয় দোকানদারদের তাদের ছোট দোকানে কোনও মেরামতের কাজ করতে হলে নানা ধরনের সমস্যার সামনে পড়তে হয়। তখন দোকানদারদের বার্নপুর সেল আইএসপির কাছ থেকে অনুমতি নিতে ক্লান্ত হতে হয়।

এখন এখানে দুটি বড় ভবন তৈরি হচ্ছে, যার বিষয়ে মানুষের সন্দেহ আছে যে এগুলি অবৈধ হতে পারে? তাহলে এই জিনিসটি কিভাবে আধিকারিকদের চোখ এড়িয়ে গেল? তিনি বলেন, প্রাথমিকভাবে যখন স্থানীয় মানুষেরা প্রতিবাদ করেছিল, তখন সেল আইএসপি বা ইস্কো কারখানা কতৃপক্ষ জনগণকে আশ্বস্ত করেছিলেন যে শিব মন্দিরের জন্য অন্য জায়গা দেওয়া হবে।  অন্য জায়গায় গণেশ পূজার ব্যবস্থা করা হবে, কিন্তু তেমন কিছুই হয়নি। এদিকে, স্থানীয় মানুষ বলছেন যে এখানে অবৈধ নির্মাণ করা হচ্ছে। অশোক রুদ্র অভিযোগ করেছেন যে, সেল আইএসপি কতৃপক্ষের একাংশের যোগসাজশ ছাড়া এটি করা সম্ভব নয়। তিনি বলেন, আমি সেল আইএসপির ঊর্ধ্বতন আধিকারিকদের এ বিষয়ে অবহিত করবো। এর পাশাপাশি আমি রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়কেও জানাবো। অবহিত করবো দিল্লিতে সেল আধিকারিকদেরও। তিনি দাবি করেন যে, সেল আইএসপির আধিকারিকদের  বলতে হবে যে, দুটি নির্মাণ করা হচ্ছে তা বৈধ না অবৈধ।
তবে এই অভিযোগ নিয়ে সেল আইএসপি কতৃপক্ষের কোন প্রতিক্রিয়া পাওয়া যায় নি।