सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सीपीएम का ज्ञापन, कचरे से मुक्त आसनसोल की मांगमेयर की अनुपस्थिति में कमिश्नर को सौंपा गया डिपुटेशन

पब्लिक न्यूज बिनु श्रीवास्तव आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल को लेकर आज सीपीएम की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। सीपीएम नेताओं ने इस आंदोलन को तत्काल समाप्त कर आसनसोल नगर निगम क्षेत्र को कचरे से मुक्त करने की मांग की। इस दौरान मेयर की अनुपस्थिति में नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन (डिपुटेशन) सौंपा गया।
सीपीएम नेता उत्पल चटर्जी ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से काम बंद हड़ताल पर हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है और लोगों को कचरे के ढेर के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने से बीमारी और महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। हालात अगर ऐसे ही बने रहे तो स्थिति और भयावह हो सकती है। इसी को देखते हुए आज सीपीएम की ओर से नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह डिपुटेशन दिया गया है।
गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के सभी 106 वार्डों में कचरे का अंबार लग गया है। जगह-जगह जमा कचरे से दुर्गंध फैल रही है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीपीएम नेताओं ने मांग की कि नगर निगम प्रशासन तुरंत सफाई कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाले, ताकि हड़ताल समाप्त हो और शहर को फिर से साफ-सुथरा बनाया जा सके।

चार श्रम कोड को निरस्त करने की मांग पर श्रमिक संगठनों ने रैली निकाल सौंपा ज्ञापन

पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल : केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम कोड के खिलाफ विभिन्न वामपंथी श्रमिक संगठनों के तरफ से एक विरोध रैली निकाली गई। विरोध रैली में विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। रैली कर लेबर कमिश्नर ऑफिस तक गए और उन्होंने केंद्र सरकार के चार श्रम कोर्ट के खिलाफ ज्ञापन दिया। इसके जरिए उन्होंने केंद्र सरकार से चार श्रम कोड को निरस्त करने और 21 तारीख को जो केंद्रीय सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसे निरस्त करने की मांग की। रैली में शामिल वामपंथी श्रमिक नेताओं का कहना था कि जिस तरह से केंद्र सरकार द्वारा श्रमिक हितों की अनदेखी करते हुए चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। वह श्रमिक विरोधी हैं और इससे सदियों से संघर्ष के जरिए श्रमिकों ने अपने लिए जो अधिकार अर्जित किए थे। उन पर कुठाराघात किया जाएगा। उन्होंने तुरंत इन श्रम कोड को निरस्त करने की मांग की।

सीटू का “शिल्प बचाओ, नौकरी बचाओ, जिला बचाओ एवं बंगाल बचाओ” अभियान शुरू


पब्लिक न्यूज भरत पासवान जामुड़िया : सीटू द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “शिल्प बचाओ, नौकरी बचाओ, जिला बचाओ एवं बंगाल बचाओ” अभियान के तहत रविवार की सुबह विशाल पदयात्रा की शुरुआत हुई। यह पदयात्रा जामुड़िया के पुनियाटिह से प्रारंभ होकर जामुड़िया बाजार होते हुए आखलपुर के रास्ते नीमा डांगा पहुंची। दोपहर में संक्षिप्त ठहराव के बाद पदयात्रा पुनः शिवडांगा से शुरू हुई और नीघा कोलियरी होते हुए रोटी–बाटी मार्ग पर आगे बढ़ी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला दिन यहीं समाप्त हुआ। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया तथा रोजगार सुरक्षा व उद्योग संरक्षण की मांगों को जोरदार ढंग से उठाया।इस मौके पर महिला नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी, सीपीआईएम पश्चिम बर्धमान जिला कमिटी के सचिव गौरांग चटर्जी,सीटू के जिला सचिव प्रवीर मंडल, बस्ती उन्नयन कमिटी के जिला सचिव संजय प्रमाणिक, माकपा नेता तापस कवि, मनोज दत्ता, एमडी कलीमुद्दीन, सुमित कवि, विकास यादव, बुद्ध देव रजक,भरत पासवान, महिला नेत्री कृष्णा भट्टाचार्य, सुभाष बाउरी, कुंतल चटर्जी,सुभीषीश बनर्जी, एमडी कयुम, मुन्ना अहीर मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस संबंध में मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा कि बंगाल की जनता ने तृणमूल और भाजपा के जिन लोगों को अपना जन प्रतिनिधि चुना था और रोजी रोजगार तथा आम जिंदगी से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी दी थी। वह आज धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। मंदिर मस्जिद और अन्य धार्मिक मसलों में लोगों को उलझा कर वह लोगों का ध्यान असली मुद्दे से भटकाना चाहते हैं लेकिन वामपंथी हमेशा रोजी-रुजदार शिक्षा स्वास्थ्य लोगों की सुरक्षा महिलाओं की सुरक्षा विकास औद्योगिकरण पर्यावरण सुरक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर जोर देती रही है। इन्हीं मुद्दों को उठाते रही है। इसके लिए वामपंथी कार्यकर्ताओं को काफी तकलीफ भी झेलना पड़ रही है लेकिन वह इसके लिए भी तैयार हैं। वहीं माकपा नेता गौरांग चटर्जी ने कहा कि कूचबिहार से काकद्वीप तक बांग्ला बचाओ यात्रा का आयोजन किया गया है। उसे यात्रा के साथ समन्वय रखते हुए वामपंथियों द्वारा जिले में चार जाठा निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा के पश्चिम वर्धमान जिले के बर्नपुर, आसनसोल, जामुड़िया, रानीगंज, अंडाल, दुर्गापुर, का़कसा और चौथा सांकतोड़िया से चित्तरंजन तक निकलेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए वह लोगों का ध्यान पश्चिम बंगाल की मूलभूत सुविधाओं के अभाव की तरफ लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज इस जिले में कई कारखाने बंद पड़े हैं। एक समय इस क्षेत्र को कारखाना की वजह से जाना जाता था लेकिन आज बर्नपुर हो या कुल्टी या रानीगंज या फिर दुर्गापुर हर इलाके में अनगिनत कारखाने बंद पड़े हैं। जामुड़िया में भी कई कारखाने बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब कारखाने बंद होते हैं तो उसका पूरा असर क्षेत्र के अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसी वजह से आज पश्चिम बर्दवान जिले की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं उन्होंने ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के निजीकरण की बात एक ही उन्होंने कहा कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है। एमडीओ के जरिए कई खदान चलाए जा रहे हैं। इससे कोयला तो ज्यादा निकाला जा रहा है लेकिन वह बचा नहीं जा रहा है। जिस वजह से ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कर्मचारियों को सही समय पर अब वेतन भी मिलना बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संसाधनों के नीजीकरण के खिलाफ वामपंथियों ने हमेशा आवाज उठाई है और आज जो कुछ भी हो रहा है इसकी ताकिद वामपंथियों द्वारा बहुत पहले ही कर दिया गया था। एक और मुद्दा जिसे लेकर वामपंथी सड़क पर उतरे हैं वह है इस जिले में नदियों को नुकसान पहुंचाने का मुद्दा उन्होंने कहा कि बालू के अवैध उत्खनन की वजह से दामोदर, अजय सहित इस जिले के साथ प्रमुख नदियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है लेकिन इस तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है उन्होंने कहा कि दामोदर और अजय सिर्फ इस जिले के लिए नहीं बल्कि पूरे बंगाल के लिए बहुत से महत्व रखते हैं लेकिन बालू के अनियंत्रित उत्खनन के कारण आज इन सभी नदियों का अस्तित्व संकट में आ गया है। नदियों के पानी में जहरीला केमिकल मिलाया जा रहा है लेकिन नदियों को प्रदूषित करने वाले कारखानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी केंद्र और राज्य सरकार को घेरा उन्होंने कहा कि आज पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। जिस वजह से पढ़े-लिखे युवाओं का शोषण हो रहा है लेकिन पर्यावरण का ध्यान रखते हुए औद्योगीकरण की तरफ किसी का ध्यान नहीं है जिस वजह से आज बेरोजगारी चरम पर है।

सीटू ने सभा का लागू किए गए चार श्रम कोड का विरोध जताते हुए बताया श्रमिक विरोधी


पब्लिक न्यूज भरत पासवान रानीगंज : केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। इसके खिलाफ बुधवार को वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू के रानीगंज शाखा द्वारा रानीगंज रेलवे स्टेशन समक्ष सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान सीटू नेता हेमंत प्रभाकर, जिला नेता सुप्रीयो राय, रानीगंज के पूर्व विधायक रुनु दत्ता, अशोक घोष, रामकृष्ण चटर्जी, वामापद गोप, लक्ष्मी नारायण मुर्मु के अलावा संगठन के अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर हेमंत प्रभाकर ने कहा कि आज की तारीख में भारत को चार गुजराती चला रहे हैं दो गुजराती बेच रहे हैं और दो गुजराती खरीद रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि चार श्रम कोड श्रमिकों के अधिकारों का हनन करने के लिए बनाया गया है। आपसे मालिक अपने मर्जी के अनुसार श्रमिकों की छटनी कर सकते हैं। उनको श्रमिक संगठन बनाने का भी अधिकार नहीं होगा क्योंकि श्रम कोड में ऐसे प्रावधान रखें गए हैं जिससे श्रमिकों से वह अधिकार छीन लिया गया है। श्रमिकों से 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जाएगा जिस अधिकार की प्राप्ति के लिए श्रमिकों ने अपना खून बहाया था। उसे अधिकार को श्रम कोड द्वारा खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कल भी जारी रहेगा। बर्न्स प्लॉट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वह जमीन बर्न्स की थी लेकिन रेलवे द्वारा वहां पर रहने वाले लोगों को हटने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सीटू इसका पुरजोर विरोध करता रहेगा। उन्होंने टीएमसी पर भी आरोप लगाया कि वह भले ही ऊपर ऊपर भाजपा का विरोध करने का नाटक करती हो लेकिन भाजपा और टीएमसी में अंदर खाने गठजोड़ है। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री से सवाल किया की बर्न्स कंपनी को खोला जाएगा लेकिन अभी तक इसे क्यों नहीं खोला गया। उन्होंने बताया कि ओसीपी बनाया जा रहा है क्या पता नहीं है कि किसी एक जगह पर ओसीपी बनाने से क्या परेशानी होती है। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार जो कहती है ममता बनर्जी बिना किसी सवाल किए उसे चुपचाप मान लेती है लेकिन सीटू नहीं मानेगी सीटू का आंदोलन जारी रहेगा।

সালানপুর বিডিও অফিসে সারা ভারত কৃষক সভার গণ অবস্থান / মীনাক্ষী মুখোপাধ্যায়ের নেতৃত্বে বিক্ষোভ

পাবলিক নিউজ আসানসোল :– আসানসোলে সালানপুর ব্লকের বিডিও অফিসে মঙ্গলবার সারা ভারত কৃষক সভার সালানপুর ব্লক কমিটির পক্ষ থেকে গণ অবস্থান কর্মসূচি পালিত হয়। পরে সালানপুরের বিডিও দেবাঞ্জন বিশ্বাসকে ১৩ দফা দাবির সমর্থনে একটি স্মারকলিপিও দেওয়া হয়। এই বিক্ষোভ সিপিএমের রাজ্য নেত্রী মীনাক্ষী মুখোপাধ্যায় সহ এই সংগঠনের নেতা ও কর্মীরা উপস্থিত ছিলেন। তারা ব্লক অফিসের সামনে বিক্ষোভ দেখানোর পাশাপাশি, নিজেদের দাবির সমর্থনে আওয়াজ তোলেন।

এই প্রসঙ্গে সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে মীনাক্ষী মুখোপাধ্যায় বলেন, গরীব ও দুঃস্থ মানুষের সমস্যা সরকারের কানে পৌঁছে দেওয়ার জন্য বামপন্থী সংগঠনগুলি সমগ্র রাজ্যের বিভিন্ন সরকারি অফিসের সামনে এই কর্মসূচির আয়োজন করছে। তিনি বলেন, গরীব মানুষরা সরকারি প্রকল্পের সুবিধা পান না। তারা সরকারি অফিসে যাতায়াত করতে থাকেন। কিন্তু তারা কোনও সুবিধা পান না। এই সমস্ত সমস্যা নিয়ে সমগ্র রাজ্যের বামপন্থী সংগঠনগুলি এই বিক্ষোভ প্রদর্শন করছে। এরপরের যদি সরকারের হুঁশ না ফেরে, তাহলে বৃহত্তর আন্দোলন করা হবে।

এই প্রসঙ্গে সালানপুরের বিডিও দেবাঞ্জন বিশ্বাস বলেন, এদিন আমার কাছে সারা ভারত কৃষক সভার তরফে একটি স্মারকলিপি দেওয়া হয়েছে। ১৩ দফা দাবির সমর্থনে এই স্মারকলিপি জমা দেওয়া হয়েছে। তিনি বলেন, তাদের দাবির এমন অনেক কিছু রয়েছে যার কাজ শুরু হয়েছে। অনেক রাস্তার জরাজীর্ণ অবস্থা নিয়ে একটি স্মারকলিপি জমা দেওয়া হয়েছে। তার অনেক রাস্তার মেরামতের কাজ শুরু হয়েছে। কিন্তু বৃষ্টির কারণে কাজ বন্ধ রয়েছে। দুর্গাপূজার পরে সেই কাজও সম্পন্ন হবে। এ ছাড়াও, তাদের দাবির মধ্যে রয়েছে রেশনের সমস্যা। তিনি বলেন, রেশন সামগ্রীর মান উন্নত করা হয়েছে । আর যে সব দাবির কথা বলা হয়েছে তা খতিয়ে দেখা হবে ও আধিকারিকদের সঙ্গে কথা বলে প্রয়োজনীয় পদক্ষেপ নেওয়া হবে ।

৬ দফা দাবি / আসানসোল জেলা হাসপাতালের সুপারকে স্মারকলিপি ডিওয়াইএফআইয়ের আসানসোল,

পাবলিক নিউজ আসানসোল:- ৬ দফা দাবিতে ভারতের গনতান্ত্রিক যুব ফেডারেশন বা ডিওয়াইএফআইয়ের আসানসোল ১ নং লোকাল কমিটির তরফে বৃহস্পতিবার আসানসোল জেলা হাসপাতালের সুপার ডাঃ নিখিল চন্দ্র দাসকে একটি স্মারক লিপি দেওয়া হয়। সুপারকে স্মারক লিপি দেওয়ার আগে ডিওয়াইএফআইয়ের কর্মী ও সমর্থকেরা দাবির সমর্থনে হাসপাতাল গেটে বিক্ষোভ দেখান। ছিলেন ডিওয়াইএফআইয়ের পশ্চিম বর্ধমান জেলার সভাপতি ভিক্টর আচার্য, অতনু মুখোপাধ্যায়, বিনোদ রজক, চন্দ্রনাথ রায়, কৃষ্ণেন্দু রায়, রাহুল রায়, নাসিম আখতার ও ঝুমা রায়।


এই প্রসঙ্গে জেলা সভাপতি বলেন, ভারতের গণতান্ত্রিক যুব ফেডারেশন, আসানসোল ১ নং লোকাল কমিটি থেকে এর আগে একাধিক দাবি নিয়ে আসানসোল জেলা হাসপাতালের সুপারকে স্মারকলিপি জমা দেওয়া হয়েছে। কিন্তু কোন সদর্থক উত্তর ও ভূমিকা আমরা পাইনি। তাই এদিন আবার স্মারক লিপি দেওয়া হয়েছে।
দাবির মধ্যে রয়েছে, (১) দ্রুত হাসপাতালের সামনের রাস্তায় হওয়া যানজট মুক্ত করতে হবে। পাশাপাশি, যানজট মুক্ত করার নামে কদিন ধরে শুরু হওয়া পুলিশি হয়রানি বন্ধ হোক। (২) ইমারজেন্সি থেকে ওয়ার্ডে রুগী নিয়ে যাওয়া, সহ রোগী পরিষেবাকে সামনে রেখে অন্যান্য ব্যবস্থায় চরম গাফিলতি রয়েছে। এইসব কিছু অবিলম্বে দুর করতে হবে। (৩) এমআরআই ও স্ক্যান ব্যবস্থা অবিলম্বে জেলা হাসপাতালে চালু করতে হবে। (৪) এমারজেন্সি বিভাগে অবিলম্বে অভিজ্ঞ ডাক্তারের ব্যবস্থা করতে হবে। বিশেষ করে হার্ট, কিডনি, নিউরো বিভাগ চালু করতে হবে। (৫) ওপিডি বা আউটডোর বিভাগকে অভিজ্ঞ ডাক্তার দিয়ে চালানোর ব্যবস্থা করতে হবে। (৬) রোগী পরিবারের লোকজনের থাকার সুবন্দোবস্তু বা বিকল্প ব্যবস্থার সুযোগ রাখতে হবে।
জেলা সভাপতি আরো বলেন যে, আমরা আশা করি এবার এইসব দাবিগুলো নিয়ে হাসপাতাল কতৃপক্ষ সদর্থক ভূমিকা পালন করবে।
ডিওয়াইএফআইয়ের স্মারকলিপি দেওয়া প্রসঙ্গে সুপার বলেন, হাসপাতালে আরো ভালো পরিসেবা দেওয়ার জন্য একাধিক পদক্ষেপ নেওয়া হয়েছে। আর হাসপাতালের গেট ও রাস্তায় যানজট সমস্যা সমাধানে ইতিমধ্যেই পুলিশ, জেলা প্রশাসন ও স্বাস্থ্য দপ্তরের তরফে পদক্ষেপ নেওয়া হয়েছে।

ছাই বহনকারী ডাম্পার চলাচলে ছড়াচ্ছে দূষণ, কুলটিতে অতিষ্ঠ বাসিন্দাদের রাস্তা অবরোধ, বিক্ষোভ…………. কুলটি, ১৭ এপ্রিলঃ

পাবলিক নিউজ আসানসোল :–আসানসোলের কুলটি থানার নিয়ামতপুর ফাঁড়ির রাধানগরের জনবসতি এলাকার রাস্তা দিয়ে দীর্ঘদিন ধরে বিষাক্ত কেমিক্যাল মিশ্রিত ছাই বহনকারী ডাম্পার চলাচল করছে। এর ফলে এলাকার পরিবেশ দূষণ হচ্ছে। এলাকার বাসিন্দাদের স্বাস্থ্যেের উপর তার প্রভাব পড়ছে। শিশু থেকে বয়স্করা নানা রোগে আক্রান্ত হচ্ছেন। বারবার এই ব্যাপারে প্রশাসনের কাছে অনুরোধ জানিয়ে কোনো কাজ হয়নি। বাধ্য হয়ে এলাকার বাসিন্দারা বিষাক্ত ছাই পরিবহন অবিলম্বে বন্ধ করার দাবিতে বৃহস্পতিবার
আসানসোলের কুলটি থানার নিয়ামতপুর ফাঁড়ির রাধানগর রাস্তা অবরোধ করে বিক্ষোভ দেখান। যা নিয়ে এলাকায় উত্তেজনা ছড়িয়ে পড়ে। বিক্ষোভকারীদের অভিযোগ, এই রাস্তা দিয়ে ঢাকা না দিয়ে ডাম্পারে করে ছাই নিয়ে যাওয়া হচ্ছে। এর ফলে স্থানীয় বাসিন্দা থেকে শুরু করে দোকানদার ও ব্যবসায়ীরা সমস্যার সম্মুখীন হচ্ছেন। তাই এই প্রতিবাদ ও বিক্ষোভ করা হয়েছে । এদিকে এই রাস্তা অবরোধ বিক্ষোভের কারণে রাস্তায় ডাম্পার সহ অন্য গাড়ি দাঁড়িয়ে পড়ে। এলাকায় যানজটের সৃষ্টি হয়। খবর পেয়ে কুলটি থানার নিয়ামতপুর ফাঁড়ির পুলিশ আসে। পুলিশ অবরোধকারীদের সঙ্গে কথা বলে। দীর্ঘক্ষণ আলোচনার পরে পুলিশের তরফে সমস্যার সমাধানে আশ্বাস দেওয়া হয়। এরপরেই নিয়ামতপুর ফাঁড়ির পুলিশের আশ্বাসে অবরোধ তুলে নেওয়া হয়।

এই বিষয়ে স্থানীয় এক বাসিন্দা বলেন, এলাকার মানুষেরা এদিন রাস্তা অবরোধ করতে বাধ্য হয়েছেন। পুলিশ ৭ দিন সময় নিয়েছে। তিনি বলেন, যদি ৭ দিনের মধ্যে তার সমস্যার সমাধান না হয়, তাহলে আগামী দিনে আরো বড় আকারে প্রতিবাদ আন্দোলন করা হবে।

১০ দফা দাবিতে স্মারকলিপি / সালানপুরে তিন বাম সংগঠনের ডাকে বিক্ষোভ মিছিল, বিডিও অফিস অভিযান……………….সালানপুর, ১৭ এপ্রিলঃ

পাবলিক নিউজ আসানসোল:– আসানসোলের সালানপুর থানার ডাবর মোড় থেকে তিনটি বামপন্থী সংগঠন সিটু, এআইকেএস ও এআইএডব্লুইউের সালানপুর ব্লক কমিটির ডাকে একটি প্রতিবাদ মিছিল হয়। ” বিডিও অফিস চলো ” ডাক দেওয়া সেই মিছিল সালানপুর বিডিও অফিসে গিয়ে শেষ হয়। পরে তিন বাম সংগঠনের পাশাপাশি বামেদের যুব, কৃষক, মহিলা সহ অন্য সংগঠনের নেতা, নেত্রী ও কর্মীরা ছিলেন। সবশেষে ১০ দফা দাবির একটি স্মারক লিপি দেওয়া হয় সালানপুর বিডিও দেবাঞ্জন বিশ্বাসকে ।

দাবি গুলির মধ্যে রয়েছে, প্রধানমন্ত্রী আবাস যোজনায় প্রাপকের নামের তালিকা বেনিয়মে অভিযোগ উঠেছে। তার তদন্ত করে বেআইনি প্রাপকদের নাম তালিকা থেকে বাদ দিতে হবে। আদিবাসী সহ যে সমস্ত গরীব মানুষদের নাম তালিকায় নেই তাদের নাম তালিকায় অন্তর্ভুক্ত করতে হবে।সালানপুর ব্লক এলাকায় বেআইনি ভাবে পাট্টা দেওয়া বন্ধ করতে হবে। হিন্দুস্তান কেবলসের দখল হওয়া জমি দখল মুক্ত করতে হবে। ১০০ দিনের কাজ দ্রুত চালু করতে হবে।১০০ দিনের কাজকে ২০০ দিন ও মজুরি ৬০০টাকা করতে হবে। সালানপুর ব্লকে আইন শৃঙ্খলার অবস্থার উন্নতি করতে হবে। চুরি ছিনতাইের মতো অপরাধ বন্ধ করতে পুলিশকে সক্রিয় ভূমিকা পালন করতে হবে। বিভিন্ন রাস্তায় যানজট মুক্ত ও ট্রাফিক ব্যবস্থা চালু করতে হবে। বয়স্কদের বন্ধ হয়ে যাওয়া পেনশন চালু করতে হবে। সালানপুর ব্লকের বন্ধ কারখানা গুলি খোলার উদ্যোগ নিতে হবে। বন্ধ কারখানায় জমিতে নতুন শিল্প গড়তে হবে। এলাকার বেকার যুবকদের এলাকাতেই কর্মস্থানের ব্যবস্থা করতে হবে।

এই প্রসঙ্গে সিপিএম নেত্রী শিপ্রা মুখোপাধ্যায় বলেন, কেন্দ্র ও রাজ্য সরকারের নানা জনবিরোধী নীতি ও এলাকার সাধারণ মানুষদের সমস্যা গুলি নিয়ে এদিন বিডিও অফিস চলো অভিযান করা হয়েছে। এর পাশাপাশি ১০ দফা দাবির একটি স্মারক লিপি বিডিওকে দেওয়া হয়েছে।

2016 के एसएससी पैनल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल हीमें खारिज कर दिया गया था इसे लेकर शिक्षकों द्वारा लगातार  प्रदर्शन किया जा रहा है।

पब्लिक न्यूज आसनसोल :–2016 के एसएससी पैनल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल हीमें खारिज कर दिया गया था इसे लेकर शिक्षकों द्वारा लगातार  प्रदर्शन किया जा रहा है। कल कस्बा में जब योग्य शिक्षक डीआई कार्यालय मैं ज्ञापन सौंपने गए थे तब उन पर पुलिस द्वारालाठीचार्ज किया गया था इन सब मुद्दों को लेकर आज नियामतपुर बाजार इलाके में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी कुल्टी एरिया कमेटी की तरफ से विरोध सभा का आयोजन किया गया इस मौके पर यहां कई वामपंथी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर वामपंथी नेता देवानंद प्रसाद ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार बिना भ्रष्टाचार के कोई काम नहीं कर पाती है इनके कार्यकाल में सिर्फ एक बार 2016 में एसएससी के जरिए नियुक्ति हुई थी लेकिन उसमें भी इतनी गड़बड़ियां पाई गई की अदालतों को सरकार को बताना पड़ा कि जो योग्य है और जो अयोग्य हैं उनको अलग-अलग किया जाए लेकिन ना तो एसएससी न राज्य सरकार और ना ही शिक्षा विभाग यह कर पाया जिस वजह से पूरा का पूरा पैनल खारिज करना पड़ा उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है और ऐसे भी आशंका है कि आम जनता अपने हाथ में कानून न उठा ले उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योग्य शिक्षकों के नाम की सूची जारी कर दे बाकी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी अदालत में मामला देख लेगी

ভোটার তালিকার কাজে শাসক দলের জেলা স্তরে বিএলএ নিয়োগ / পশ্চিম বর্ধমানের দায়িত্বে ভি শিবদাসন…………. আসানসোল, ১০

পাবলিক নিউজ আসানসোল :– এপ্রিলঃ রাজ্যের শাসক দল তৃণমূল কংগ্রেস জেলায় জেলায় ভোটার তালিকার কাজের জন্য দায়িত্ব বণ্টন করলো। তাদের বলা হচ্ছে বুথ লেভেল এজেন্ট বা বিএলএ-১। পশ্চিম বর্ধমান জেলাও তার মধ্যে রয়েছে।
রাজ্যে তৃণমূল কংগ্রেস ভোটার তালিকা সংক্রান্ত কাজে গতি আনতে প্রতিটি জেলায় নেতৃত্বের হাতে এই দায়িত্ব তুলে দিয়েছে। তাতে পশ্চিম বর্ধমান জেলার দায়িত্ব দেওয়া হয়েছে দলের রাজ্য সম্পাদক ভি শিবদাসন ওরফে দাসুকে। তাকে পশ্চিম বর্ধমানের জেলা স্তরের বুথ লেভেল এজেন্ট (বিএলএ-১) হিসেবে নিযুক্ত করা হয়েছে।
রাজ্যের অন্যান্য জেলায় স্থানীয় বিধায়ক ও মন্ত্রীদের এই দায়িত্ব দেওয়া হলেও, পশ্চিম বর্ধমানে দল একজন সিনিয়র নেতার উপর ভরসা রেখেছে বলে মনে করা হচ্ছে।
এই নিয়োগ প্রসঙ্গে এক সাক্ষাৎকারে ভি শিবদাসন দাসু বলেন, আমি নেত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় এবং নেতা অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কাছে কৃতজ্ঞ। তাদের দুজনকে আমি ধন্যবাদ জানাই যে তারা আমাকে এই দায়িত্বের যোগ্য মনে করেছেন। অল ইন্ডিয়া তৃণমূল কংগ্রেসের পক্ষ থেকে পশ্চিম বর্ধমান জেলার বিএলএ-১ হিসেবে নিযুক্ত করেছেন।
তিনি আরও বলেন, সবাই ভালো থাকুন, সুস্থ থাকুন। আসুন, আমরা সবাই একসঙ্গে মাঠে নেমে দলকে আরও শক্তিশালী করি। এই নিয়োগের মাধ্যমে তৃণমূল কংগ্রেস তৃণমূল স্তরে তাদের সাংগঠনিক শক্তিকে আরও মজবুত করার দিকে আরেকটি পদক্ষেপ নিয়েছে। আগামী নির্বাচনের কথা মাথায় রেখে দলের এই উদ্যোগকে সংগঠনকে আরও শক্তিশালী করার কৌশলের অংশ হিসেবে দেখা হচ্ছে বলে, রাজনৈতিক বিশেষজ্ঞদের মত।