पब्लिक न्यूज़ आसनसोल कवि राहुल रंजन :– सुनो मेरे भारत का रंग देखो,मेरे देश में इबादत का धंग देखो.हर रंग अब जायदाद है लोगो का,मोहब्बत के लिबास में होता जंग देखो. हरि धरती का हारा होना भी अब गुनाह हो गया .तुम फसल ना देखो तुम अनंत अनाज और खादना देखोसियासत का कहना मानोअब मजारो पे चढ़ते हरे चादरो को देखो. नीला गगन नीला आसमान और नीलापानी भी बेबस है ,ये रंग चुना है दलितो ने तुम इसे अब नफ़रत सेदेखो घृणा से देखो . ये सफ़ेद रंग जो प्रतीक है अमन का शांति का –अपने ही मुल्क के कुछ लोगो मे अंग्रेजो का ईश्वरउनका खुदा बेग देखो, एक रंग जिसने मचा रखा है कोहराम भारत मे,उश गेरुवे में लिपटा बुद्ध नहीं तुम उसमें केवलराम देखो. सुनो मेरे भारत का रंग देखो,मेरे देश में इबादत का धंग देखो.हर रंग अब जायदाद है लोगो का,मोहब्बत के लिबास में होता जंग देखो.® राहुल रंजन ® Post navigation असेंबली ऑफ़ गॉड ने बहुला में यीशू का जन्म दिवस मनाया। কুলটিতে সাড়ে ৪ লক্ষ টাকা সহ পাকড়াও এক / জামুড়িয়ায় সাইবার প্রতারণার অভিযোগে ধৃত দুই, উদ্ধার মোবাইল ফোন