पब्लिक न्यूज आसनसोल, 11 मई : 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद इस बार के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी स्तर पर इस हार के कारणों की समीक्षा हो रही है या नहीं, यह तो समय बताएगा, लेकिन नई सरकार के गठन के महज 24 घंटे के भीतर ही तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश सचिव वी. शिवदासन उर्फ दासु ने हार को लेकर विस्फोटक टिप्पणी कर दी।उन्होंने सीधे तौर पर नाम न लेते हुए राज्य के पूर्व मंत्री मलय घटक और कुछ जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता अहंकारी हो गए थे और ऐसे नेताओं की वजह से ही पार्टी आज इस स्थिति में पहुंची है।दासु ने कहा, “मैंने 25 साल विपक्ष में और 15 साल सत्ताधारी दल में राजनीति की है। लेकिन पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता सत्ता पाकर अहंकारी हो गए थे। जनता ने उनके इस व्यवहार को पसंद नहीं किया। उन्होंने लोगों से ठीक तरीके से बात नहीं की। जनता ही वोटर है। जिन वोटरों ने एक समय तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया था, इस बार उन्होंने पार्टी को वोट न देकर बीजेपी को वोट दिया।”उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं को यह याद रखना चाहिए था कि जहां रावण का अहंकार भी नहीं टिक सका, वहां उनका अहंकार कैसे टिकता। इसी कारण इस बार तृणमूल कांग्रेस के शासन का अंत हुआ है।दासु ने कहा कि आसनसोल के बस्तिन बाजार दुर्गा मंदिर जैसे मुद्दों की जानकारी ममता बनर्जी को नहीं थी। उन्हें यह भी नहीं पता था कि तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद इस मंदिर के दरवाजे बंद हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता और जनप्रतिनिधि ममता बनर्जी के नाम का इस्तेमाल कर पार्टी की छवि खराब कर रहे थे।उन्होंने दावा किया कि ऐसे कई नेता अब तृणमूल कांग्रेस में नहीं रहेंगे। दासु ने बीजेपी को भी सावधान करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी में शामिल होने की सोच रहे इन दल-बदलुओं को अगर जगह दी गई, तो भविष्य में बीजेपी की हालत भी ऐसी ही हो सकती है।दासु ने कहा कि तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कड़ी मेहनत से इस पार्टी को खड़ा किया था। उनके आदर्शों का अनुसरण कर ही पार्टी मजबूत बनी थी। आज जब वह सत्ता में नहीं हैं, तब पार्टी को फिर से उनके आदर्शों पर चलना होगा।उन्होंने विश्वास जताया कि ममता बनर्जी ने जिस तरह पूरी जिंदगी लोगों के बीच रहकर राजनीति की और जीवन जिया, जनता एक बार फिर उनकी पार्टी पर भरोसा करेगी। Post navigation नबान्न में आज मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक