Facebook 0 Twitter 0 WhatsApp Print 0Shares पब्लिक न्यूज आसनसोल।वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में आशा कर्मियां पिछले साल 23 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसी क्रम में आज आसनसोल के बीएनआर मोड़ इलाके में आशा कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। धरने से पहले आशा कर्मियों ने एक विरोध मार्च भी निकाला।धरना स्थल पर आसनसोल क्षेत्र की बड़ी संख्या में आशा कर्मियां मौजूद थीं, जो अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रही थीं। प्रदर्शन के दौरान आशा कर्मियों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।इस संबंध में आशा कर्मियों के संगठन की नेता मंजू चक्रवर्ती ने बताया कि 23 दिसंबर से राज्यभर की आशा कर्मियां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि आशा कर्मियों की प्रमुख मांग है कि उनका मासिक वेतन न्यूनतम 15 हजार रुपये किया जाए। इसके साथ ही किसी आशा कर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए, मातृत्व अवकाश की सुविधा दी जाए और किसी आशा कर्मी के अस्वस्थ होने की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।मंजू चक्रवर्ती ने यह भी आरोप लगाया कि 21 जनवरी को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार पूरे राज्य की आशा कर्मियां कोलकाता के स्वास्थ्य भवन जाने के लिए तैयार थीं, जहां अधिकारियों के साथ उनकी मांगों को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन विभिन्न इलाकों में प्रशासन का इस्तेमाल कर आशा कर्मियों को कोलकाता जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि जो आशा कर्मियां किसी तरह कोलकाता पहुंच सकीं, उनके साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया।इन्हीं घटनाओं के विरोध में और अपनी मांगों के समर्थन में आज आसनसोल में यह धरना दिया गया। आशा कर्मियों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। Facebook 0 Twitter 0 WhatsApp Print 0Shares Post navigation दुर्गापुर के प्रसिद्ध भिरंगी काली मंदिर पहुँचे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, माँ की विधिवत पूजा-अर्चना भी की भानोड़ा कोलियरी में ईसीएल क्वार्टर पर अवैध कब्जे का मामला, जांच के लिए पहुंची पुलिस