Facebook 0 Twitter 0 WhatsApp Print 0Shares आईसीएससी चेयरमैन ने ‘नेशनल कोल सिक्योरिटी एंड ट्रांसपेरेंसी मिशन’ शुरू करने की वकालत की, जीपीएस, एआई कैमरे, ड्रोन और रियल-टाइम निगरानी व्यवस्था का दिया प्रस्तावपब्लिक न्यूज आसनसोल:-नई दिल्ली/आसनसोल: इंडोयूजी कॉमर्स एंड सोशल काउंसिल (आईसीएससी) के चेयरमैन फिरोज़ खान (एफके) ने भारत सरकार के कोयला मंत्रालय को एक सुझाव पत्र भेजकर कोयला चोरी पर प्रभावी रोक लगाने और कोयला नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए हैं।अपने पत्र में फिरोज़ खान ने सबसे पहले कोयला मंत्रालय द्वारा पिछले कुछ वर्षों में कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने, व्यावसायिक कोयला नीलामी को सुदृढ़ करने तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोयला केवल एक खनिज नहीं, बल्कि देश की बहुमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति है। इसकी चोरी अथवा अवैध ढुलाई से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास भी प्रभावित होता है।उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे देश में ‘नेशनल कोल सिक्योरिटी एंड ट्रांसपेरेंसी मिशन (एनसीएसटीएम)’ शुरू किया जाए, जिससे कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और कोयला नीलामी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।अपने सुझावों में उन्होंने कहा कि कोयला नीलामी प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाया जाए, खदान से अंतिम गंतव्य तक कोयले की जीपीएस एवं डिजिटल तकनीक के माध्यम से निगरानी की जाए तथा कोयला चोरी रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरों और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए।इसके अलावा उन्होंने आम नागरिकों के लिए कोयला चोरी की सूचना देने हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन और प्रोत्साहन (पुरस्कार) योजना शुरू करने, कोयला मंत्रालय, रेलवे, पुलिस, सीआईएसएफ तथा राज्य सरकारों के बीच रियल-टाइम निगरानी प्रणाली विकसित करने और समय-समय पर स्वतंत्र ऑडिट कर पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया।फिरोज़ खान ने कहा, “कोयले की चोरी केवल कोयले की चोरी नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी है। कोयले का प्रत्येक टन जो अवैध रूप से चोरी होता है, उससे देश की अर्थव्यवस्था, सरकारी राजस्व और विकास कार्यों को सीधा नुकसान पहुंचता है।”उन्होंने कहा कि इंडोयूजी कॉमर्स एंड सोशल काउंसिल इस विषय पर कोयला मंत्रालय के साथ मिलकर विस्तृत सुझाव, जनजागरूकता अभियान तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तैयार है।उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग जगत, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से कोयला चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है तथा देश की राष्ट्रीय संपत्ति की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। Facebook 0 Twitter 0 WhatsApp Print 0Shares Post navigation डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन कैबिनेट मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार का WhatsApp हैक, 35 हजार रुपये मांगकर लोगों को बनाया जा रहा निशाना