सतग्राम–श्रीपुर क्षेत्र में घरेलू बिजली कटौती का विरोध, यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी दीएनसीडब्ल्यूए समझौते का हवाला देते हुए कहा—24 घंटे निर्बाध बिजली श्रमिकों का मौलिक अधिकार

रमेश सिंह

पब्लिक न्यूज भरत पासवान सतग्राम–श्रीपुर क्षेत्र (ईसीएल) में घरेलू बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के आदेश को लेकर श्रमिक संगठनों में भारी रोष देखा जा रहा है। क्षेत्र के इंजीनियर (ई एंड एम) द्वारा 29 जनवरी 2026 को जारी पत्र के अनुसार, सभी एजेंटों को प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक घरेलू बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्देश दिया गया है।
इस आदेश के खिलाफ यूनियन की ओर से सचिव रमेश सिंह ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रबंधन को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि एनसीडब्ल्यूए (नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट) के तहत श्रमिकों को 24 घंटे निर्बाध घरेलू बिजली आपूर्ति देना अनिवार्य है, क्योंकि यह श्रमिकों की प्राथमिक आवश्यकता है और इसे किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं किया जा सकता।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों के वेतन से पहले ही 1 प्रतिशत बिजली शुल्क की कटौती की जाती है, वहीं दूसरी ओर उन्हें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में घरेलू बिजली आपूर्ति में कटौती पूरी तरह से अनुचित और समझौते के विरुद्ध है।
यूनियन ने यह भी कहा है कि यदि कंपनी वित्तीय संकट से गुजर रही है, तो खर्च में कटौती अन्य क्षेत्रों में की जाए, लेकिन घरेलू बिजली आपूर्ति पर किसी भी तरह का अंकुश न लगाया जाए।
यूनियन ने प्रबंधन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से घरेलू बिजली आपूर्ति को बहाल किया जाए और पहले की तरह 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए। अन्यथा मजबूर होकर श्रमिक संगठन को कड़ा आंदोलन शुरू करना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
इस पत्र की प्रतिलिपि सीएमएस (एआईटीयूसी) के महासचिव, ईसीएल मुख्यालय के जीएम (ई एंड एम), सतग्राम–श्रीपुर क्षेत्र के जीएम (ई एंड एम), जीएम (ऑपरेशन) तथा क्षेत्रीय वित्त प्रबंधक को भी भेजी गई है।

गंभीर रूप से घायल गार्ड सीएच कल्ला अस्पताल में भर्ती, यूनियन का विरोध प्रदर्शन

पब्लिक न्यूज मनोज शर्मा/बीनू श्रीवास्तव आसनसोल: आज तड़के करीब सुबह 2 बजे गिरिमिंट कोलियरी, ईसीएल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ असामाजिक तत्व चोरी के इरादे से अवैध रूप से कोलियरी परिसर में घुस आए।
घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो असामाजिक तत्वों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल सुरक्षा गार्ड को तत्काल इलाज के लिए सीएच कल्ला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद कोलियरी परिसर में तनाव का माहौल बन गया। यूनियन के सदस्य एजेंट ऑफिस के पास इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा गार्डों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
यूनियन की ओर से मांग की गई कि सुरक्षा कर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ईसीएल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

भानोड़ा कोलियरी में ईसीएल क्वार्टर पर अवैध कब्जे का मामला, जांच के लिए पहुंची पुलिस



पब्लिक न्यूज बाराबनी। बाराबनी के अंतर्गत ईसीएल के श्रीपुर सात ग्राम क्षेत्र स्थित भानोड़ा कोलियरी में ईसीएल के क्वार्टरों पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सामने आया है। बताया जाता है कि आज से कई वर्ष पहले लगभग 10 लोगों ने ईसीएल के क्वार्टरों का ताला तोड़कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।
इस मामले को लेकर ईसीएल प्रबंधन की ओर से कई बार संबंधित लोगों को पत्र लिखकर क्वार्टर खाली करने की अपील की गई। इसके बाद तीन लोगों ने तो क्वार्टर छोड़ दिया, लेकिन बाकी लोगों ने अब तक कब्जा नहीं हटाया है। मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
आज इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए बाराबनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान ईसीएल के पर्सनल मैनेजर पूर्व विश्वास के अलावा ईसीएल के सुरक्षा कर्मी भी मौके पर मौजूद रहे।
पुलिस और ईसीएल अधिकारियों ने क्वार्टरों की स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

चार श्रम कोड को निरस्त करने की मांग पर श्रमिक संगठनों ने रैली निकाल सौंपा ज्ञापन

पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल : केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम कोड के खिलाफ विभिन्न वामपंथी श्रमिक संगठनों के तरफ से एक विरोध रैली निकाली गई। विरोध रैली में विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। रैली कर लेबर कमिश्नर ऑफिस तक गए और उन्होंने केंद्र सरकार के चार श्रम कोर्ट के खिलाफ ज्ञापन दिया। इसके जरिए उन्होंने केंद्र सरकार से चार श्रम कोड को निरस्त करने और 21 तारीख को जो केंद्रीय सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसे निरस्त करने की मांग की। रैली में शामिल वामपंथी श्रमिक नेताओं का कहना था कि जिस तरह से केंद्र सरकार द्वारा श्रमिक हितों की अनदेखी करते हुए चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। वह श्रमिक विरोधी हैं और इससे सदियों से संघर्ष के जरिए श्रमिकों ने अपने लिए जो अधिकार अर्जित किए थे। उन पर कुठाराघात किया जाएगा। उन्होंने तुरंत इन श्रम कोड को निरस्त करने की मांग की।

कांग्रेस ने चार श्रम कोड का विरोध कर लेबर कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन कांग्रेस ने चार श्रम कोड का विरोध कर लेबर कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन


पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल : हाल ही में केंद्र सरकार की तरफ से चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। इसका विरोध करते हुए बुधवार को कांग्रेस की तरफ से प्रदर्शन कर लेबर कमिश्नर ऑफिस में ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर कांग्रेस नेता शाह आलम, प्रसेनजीत पुईतंडी के अलावा अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। वहीं कांग्रेस कर्मियों ने केंद्र सरकार द्वारा 21 तारीख को चार श्रम कोड लागू करते हुए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसकी प्रति को जलाया। इस बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए शाह आलम ने बताया कि कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए चार श्रम कोड का विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बहुत सालों के संघर्ष के बाद उन्हें कई अधिकार प्राप्त हुए थे लेकिन केंद्र सरकार उन अधिकारों का हनन करने के लिए चार श्रम कोड लेकर आई है। इसके जरिए श्रमिकों को फिर से 12 घंटे काम करना पड़ेग। श्रमिकों के पास कोई अधिकार नहीं रहेंगे। मालिक पक्ष अगर चाहेगा तो एक बार में कई श्रमिकों को नौकरी से निकल सकता है। इन सब मुद्दों के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लेबर कमिश्नर ऑफिस को ज्ञापन सौंपा गया और केंद्र सरकार से मांग की गई कि तुरंत चार श्रम कोड निरस्त किया जाए।

यात्री साथी ऐप को बढ़ावा देने और पांडवेश्वर के एक्सीडेंट एरिया को निरक्षण करने पहुंचे ट्रैफिक डीसीपी वीजी सतीश

पब्लिक न्यूज मंथन पासवान पांडवेश्वर : पांडवेश्वर थाना अंतगर्त पांडवेश्वर क्षेत्र के सडकों पर एक्सीडेंटल एरिया में बढ़ती सड़क दुर्घटना को दखते हुऐ ट्रैफिक डीसीपी वीजी सतीश और पांडवेश्वर ट्रैफिक पुलिस के साथ निरक्षण किये,इस दौरान ट्रैफिक डीसी. पी.वी.जी सतीश नें कहा की आज पांडवेश्वर ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर के साथ हम पांडवेश्वर के लोगों को यात्री साथी ऐप के बारे मे और अधिक लोगों को जागरूक करने आयें हैं आप सभी जानते है की पिछले डेढ़ वर्षो से एडीपीसी एरिया मे यात्री ऐप का लोग अच्छे से इस्तेमाल कर रहें है करीब 2 लाख राइड यात्री साथी ऐप मे हो चुकी है साथ ही पिछले 15 दिनों सें एम्बुलेंस की सुविधा को भी यात्री साथी ऐप मे लाया गया है हमारे एडीपीसी एरिया में यात्री साथ ऐप के माध्यम से दिन मे 100 बुकिंग हो रहीं है इसीको बढ़ावा देने और पांडवेश्वर एरिया के सभी एक्सीडेंट एरिया में जाकर निरक्षण करने आज हम यहाँ उपस्थित हुऐ है इस दौरान ट्रैफिक डीसीपी वीसी. सतीश पांडवेश्वर ट्रैफिक ऑसी विस्वाजीत कुंडू उपस्थित रहे.

सिस्टा ने संविधान दिवस पर कार्यक्रम कर लोगों को अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए किया जागरूक


पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल : कोल इंडिया एससी/एसटी एम्पलाइज एसोसिएशन को ओर से बुधवार को चित्रा मोड़ स्थित एक निजी होटल में संविधान दिवस का पालन किया गया। इस अवसर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आगत अतिथियों के साथ संगठन के पदाधिकारियों ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीम राव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात संगठन के पदाधिकारियों एवं उपस्थित ईसीएल के कई पूर्व अधिकारियों ने संविधान दिवस मनाए जाने के उद्देश्य एवं संविधान लागू होने तथा संविधान में निहित नागरिकों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं कार्यक्रम में पहुंचे जिलाधिकारी एस पन्नमबलम को संगठन के महासचिव दीनानाथ उपासक सहित अन्य पदाधिकारियों ने उत्तरीय, पुष्प गुच्छ, मोमेंटो एवं संविधान की प्रति देकर सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी एस पन्नमबलम के हाथों मेधावी छात्र, छात्राओं को सम्मानित किया गया। वहीं अपने संबोधन में जिलाधिकारी एस पन्नमबलम ने कहा कि आसनसोल- दुर्गापुर शिल्पांचल सहित संलग्न क्षेत्रों के विकास में ईसीएल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।।उन्होंने कहा कि 200 वर्षों से अधिक समय तक देश में ब्रिटिश का शासन रहा। आजादी मिलने के बाद देश को चलाने का रास्ता संविधान दिखाता है। वहीं यहां के 18 वर्ष आयु के सभी युवाओं को मताधिकार उपयोग करने का उपयोग संविधान ने ही दिया है। स्वतंत्रता सेनानियों ने संविधान को बनाया जिसमें देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार दिया गया है। सभी नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ संविधान का सम्मान करते हुए अपने कर्तव्यों का भी पालन करने की जरूरत है। वहीं कार्यक्रम के दौरान बच्चियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में सिस्टा ईसीएल के महासचिव दीनानाथ उपासक ने बताया संगठन द्वारा समाज के पिछड़े जाति के लोगों के उत्थान के लिए काफी कार्य किया जा रहा है। साथ ही सभी के प्रयास से यह संगठन अब विशाल बन गया है। इस मौके पर ईसीएल के पूर्व डीपी के एस पात्र, संगठन के राष्ट्रीय महासचिव परमहंस प्रसाद , पूर्व महाप्रबंधक (सिविल) एके वर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के के जोशीसहित अन्य पदाधिकारी एवं काफी संख्या में संगठन के विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य मौजूद थे।

चार नए श्रम कोड लागू कर भाजपा सरकार श्रमिकों के हितों से कर रही खिलवाड़


पब्लिक न्यूज भरत पासवान आसनसोल : हाल ही में केंद्र सरकार की तरफ से लागू किए गए चार नए श्रम कोड के विरोध में हिंद मजदूर सभा ने भी मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर
सीएमपीडीआई कार्यालय परिसर में हिंद मजदूर सभा के तरफ से संस्था के कर्मचारियों को चार श्रम कोड को लेकर जागरूक करने का प्रयास किया गया। हिंद मजदूर सभा के नेता की तरफ से चार श्रम कोड को लेकर संस्था के कर्मचारी को समझाने का प्रयास किया गया और किस तरह से यह चार श्रम कोड श्रमिकों के हितों पर कुठाराघात करेंगे इसके बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि जब भारत के लोग आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे तब भाजपा नेता अंग्रेजों की दलाली कर रहे थे। आज एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के नेता भारतीय श्रमिकों और लोगों के हितों के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं।

কেন্দ্র সরকারের নতুন শ্রম কোড / কর্মীদের জন্য ভালো, তথ্য দিয়ে ব্যাখা সেন্ট্রাল লেবার কমিশনারের…………. আসানসোল, ২৫ নভেম্বরঃ

পাবলিক নিউজ ডেস্ক আসানসোল :– সম্প্রতি কেন্দ্রীয় সরকার চারটি শ্রম বিধি বা কোড সারা দেশে বাস্তবায়ন করেছে। যার বিরোধিতা করছে বিভিন্ন শ্রমিক সংগঠন।
মঙ্গলবার দুপুরে আসানসোলের কন্যাপুরে শ্রম দপ্তরের কার্যালয়ে কেন্দ্রীয় শ্রম কমিশনার কে.সি. সাহু এক সাংবাদিক সম্মেলন চারটি শ্রমবিধি সম্পর্কে কিছু গুরুত্বপূর্ণ তথ্য তুলে ধরেন। তিনি ব্যাখ্যা করে বলেন, আগে মজুরি সংক্রান্ত অনেক ভিন্ন নিয়ম ছিল। সেই সমস্ত নিয়মগুলিকে একত্রিত করে একটি একক মজুরি বিধি তৈরি করা হয়েছে। আগে মাত্র ৩০% মানুষ এর সুবিধা পেতেন। এখন ১০০% এর সুবিধা পাবেন। সরকার কর্তৃক নির্ধারিত ন্যূনতম মজুরি প্রত্যেককে দিতে হবে। তিনি আরো বলেন, আগে কেবলমাত্র ২৪,০০০ টাকার কম আয়কারীরা সময়মতো তাদের মজুরি না পাওয়ার অভিযোগ করতে পারতেন। তবে, এখন এই নিয়মটি বাতিল করা হয়েছে। এখন নতুন বিধিতে কারও বেতন যাই হোক না কেন, যারা সময়মতো তাদের মজুরি পান না তারা অভিযোগ করতে পারবেন। এর আগে কিছু নিয়োগকর্তা বা মালিক তাদের নিজস্ব সুবিধার জন্য তাদের কর্মীদের মূল বেতন খুব কম রাখতেন। এখন মূল বেতন, অন্যান্য সুবিধা সহ, বেতনের ৫০% হতে হবে। তিনি আরো বলেন, শ্রমিকরা এখন বোনাস দাবি করার জন্যও আবেদন করতে পারবেন। মজুরি কোডে এমন কিছু বিধান করা হয়েছে যা শেষ পর্যন্ত শ্রমিকদের আরও বেশি উপকৃত করবে। শুধু তাই নয়, নতুন মজুরি কোডে ৩ বছর আগের যে কোনো বিষয়ে অভিযোগ করা যাবে।

আগে এই সময়সীমা ছিল মাত্র ৬ মাস। নতুন মজুরি কোডের সবচেয়ে বড় বিষয় হল এখন পুরুষ ও মহিলাদের মধ্যে কোনও বৈষম্য থাকবে না। কোনও প্রতিষ্ঠানের মহিলা কর্মচারী সেই প্রতিষ্ঠানের পুরুষ কর্মচারীর সমান বেতন পাবেন। নতুন মজুরি কোড চুক্তিবদ্ধ কর্মীদের কিছু অধিকারও প্রদান করে, যাতে তারা সময়মতো বেশি বেতন পান। তিনি আরো বলেন, যদি কোনও কোম্পানি কর্তৃক নিযুক্ত কোনও ঠিকাদার তার দায়িত্ব এড়িয়ে যান, তাহলে কোম্পানির পরিচালনা পর্ষদকে দায়িত্ব নিতে হবে। যা শেষ পর্যন্ত চুক্তিবদ্ধ কর্মীদের উপকারে আসবে। শ্রম কোডের পরবর্তী অংশ, সামাজিক সুরক্ষা সম্পর্কে তিনি বলেন, প্রতিটি বিভাগের কর্মীরা, সংগঠিত হোক বা অসংগঠিত, সামাজিক সুরক্ষা সুবিধা পাবেন। সব বিভাগের কর্মীরা ভবিষ্যনিধি তহবিল এবং ইএসআই সুবিধা পাবেন। আগে ২০ জনেরও বেশি কর্মচারী সহ একটি সংস্থার কর্মীরা ইএসআই সুবিধা পাওয়ার যোগ্য ছিলেন। তবে, এখন, যদি কোনও প্রতিষ্ঠানে ২০ জনের কম কর্মী থাকে, তাহলে মালিক তার কর্মীদের ইএসআই সুবিধা প্রদান করতে পারে। যদি কোনও কর্মী এমন কোনও প্রতিষ্ঠানে কাজ করেন যেখানে পরিবেশ কর্মীদের জন্য বিপজ্জনক, তাহলে একজন কর্মচারীকেও ভবিষ্যত তহবিল এবং ইএসআই সুবিধা দিতে হবে। নতুন সামাজিক নিরাপত্তা বিধির অধীনে, একজন কর্মচারীর দাদু ও ঠাকুমা সুবিধা পাবেন। কর্মচারী যদি মহিলা হন, তাহলে তাদের শ্বশুর-শাশুড়িও এই সুবিধা পাবেন। বিপুল সংখ্যায় কর্মীকেও সামাজিক নিরাপত্তার আওতায় আনা হয়েছে।

শ্রম আইনের পরবর্তী ধারা, দুর্ঘটনা সম্পর্কে তথ্য প্রদান করে কেন্দ্রীয় শ্রম কমিশনার বলেন , আগে কর্মক্ষেত্রে দুর্ঘটনার ক্ষেত্রে শুধুমাত্র কর্মচারীদের পরিবার ক্ষতিপূরণ বা অন্যান্য সুবিধা পেতেন। তবে, এখন এটি শর্ত করা হয়েছে। কর্মক্ষেত্রে আসা-যাওয়ার সময় কোনও কর্মী আহত হলেও, তারা এবং তাদের পরিবার সমস্ত সুবিধা পাবেন। শ্রম আইনের আরেকটি ধারা, আইআর কোড, শর্ত দিয়েছে যে স্থায়ী-মেয়াদী কর্মীরা নিয়মিত কর্মীদের মতোই গ্র্যাচুইটি সহ একই সুবিধা পাবেন। তাদের নির্দিষ্ট মেয়াদী চাকরির পর তাদের দেওয়া অভিজ্ঞতার সনদপত্র ব্যবস্থাপনা কর্তৃক তাদের নামে জারি করা হবে। যা ভবিষ্যতে তাদের আরও ভালো সুযোগ পাওয়ার সম্ভাবনা বৃদ্ধি করবে। এর পাশাপাশি, কর্মক্ষেত্রে নারীদের নিরাপত্তা নিশ্চিত করার জন্য সব মালিক বা কতৃপক্ষকে তাদের প্রতিষ্ঠানের মধ্যে একটি অভিযোগ সেল তৈরি করতে হবে। যার মধ্যে মহিলারাও থাকবেন বলে কেন্দ্রীয় শ্রম কমিশনার এদিন জানিয়েছেন।

सेंट्रल लेबर कमिश्नर ने लागू चार श्रम कोड की गिनाई खूबियां, अब सभी स्तर के श्रमिकों को मिलेगी सुविधाएं

पब्लिक न्यूज आसनसोल भरत पासवान ब्यूरो:– हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम कोड लागू किए गए हैं। इसे लेकर विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। मंगलवार को सेंट्रल लेबर कमिश्नर केसी साहू द्वारा संवाददाता सम्मेलन किया गया और उन्होंने चार श्रम कोड के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले वेज को लेकर कई अलग-अलग नियम थे उन सभी नियमों को एक जगह लाकर एक वेज कोड बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पहले मात्र 30 प्रतिशत लोगों को ही इसका फायदा मिलता था अब 100 प्रतिशत लोगों को इसका फायदा मिलेगा। सरकार द्वारा तय मिनिमम वेज सभी को देना होगा। उन्होंने कहा कि पहले अगर किसी का वेतन 24000 रुपए से कम होता वही व्यक्ति समय पर वेतन न मिलने की स्थिति में शिकायत कर सकता था लेकिन अब यह नियम हटा दिया गया है। चाहे किसी का वेतन कितना भी क्यों ना हो अगर उसे समय पर वेतन नहीं मिल रहा है तो वह शिकायत कर सकता है। पहले कुछ मालिक अपने फायदे के लिए अपने कर्मचारियों का बेसिक पेमेंट बहुत कम रखते थे लेकिन अब बेसिक इंसेंटिव और अन्य सुविधाओं को मिलाकर जितना वेतन होता है उसका 50% बेसिक रखना ही होगा। अब श्रमिक बोनस क्लेम करने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वेज कोड में कुछ ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे आखिरकार श्रमिकों को ज्यादा फायदा मिलेगा। इतना ही नहीं नए वेज कोड में 3 साल पहले के किसी मसले को लेकर भी शिकायत की जा सकती है। पहले यह समय सीमा 6 महीने की ही थी। नए वेज कोड की सबसे बड़ी बात यह है कि अब इसमें महिला और पुरुषों के बीच कोई भेदभाव नहीं रहेगा जितना वेतन किसी एक संस्थान के पुरुष कर्मचारी को मिलता है उतना ही वेतन उस संस्थान की महिला कर्मचारी को भी मिलेगा। वहीं नए वेज कोड में ठेका श्रमिकों को भी कुछ अधिकार दिए गए हैं जिससे कि ठेका श्रमिकों को भी ज्यादा पैसा वह भी समय पर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी कंपनी द्वारा नियुक्त ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियां से भाग खड़ा होता है । तो उस कंपनी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स को उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।

जो आखिरकार ठेका श्रमिकों के लिए ही हितकारी साबित होगी। श्रम कोड के अगले हिस्से सोशल सिक्योरिटी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि चाहे ऑर्गेनाइज हो या अनार्गनाइज्ड हर विभाग के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड और ईएसआई की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि पहले किसी संस्थान में अगर 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते थे तो ही उस संस्थान के कर्मचारियों को ईएसआई की सुविधा मिलती थी लेकिन अब अगर किसी संस्थान में 20 से कम कर्मचारी हैं तो प्रबंधन चाहे तो अपने कर्मचारियों को ईएसआई की सुविधा दे सकता है और अगर किसी ऐसे संस्थान में कोई कर्मचारी काम करते हैं। जहां श्रमिकों के लिए वह खतरनाक है तो अगर एक भी कर्मचारी काम कर रहा है तो उसे प्रोविडेंट फंड और ईएसआई मिलना अनिवार्य होगा। नए सामाजिक सुरक्षा नियमों के तहत अब किसी कर्मचारी के नाना और नानी को भी लाभ मिलेगा और अगर कोई महिला कर्मचारी है तो उनके सास ससुर को भी यह लाभ प्राप्त होगा। वही बड़ी संख्या में जो गिग वर्कर्स हैं उनको भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। वही श्रम कोड के अगले हिस्से दुर्घटना के विषय पर जानकारी देते हुए सेंट्रल लेबर कमिश्नर ने बताया कि पहले कार्यस्थल पर दुर्घटना होने पर ही मुआवजा या अन्य सुविधाएं कर्मचारियों के परिजन को मिलती थी लेकिन अब यह नियम कर दिया गया है कि कार्य स्थल पर आने जाने के क्रम में अगर कोई व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त होता है तो भी उसे या उसके परिवार को सारी सुविधाएं प्राप्त होगी श्रम कोड के एक और हिस्से आईआर कोड को लेकर नियम बनाया गया है कि जो फिक्स्ड टर्म एम्पलाइज होंगे उनको किसी संस्थान के नियमित एम्पलाइज के समान ही सुविधा ग्रेच्युटी आदि मिलेगी और उनको जो एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट उनके फिक्स्ड टर्म के बाद दिया जाएगा। उसमें प्रबंधन द्वारा प्रबंधन के नाम से सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिससे भविष्य में उनको बेहतर अवसर मिलने की संभावना होगी। वहीं हर प्रबंधन को अपने संस्थान में एक ग्रीवेंस सेल बनाना होगा जिसमें महिलाओं को स्थान देना होगा जिससे कि कार्य स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।