Asansol Bar Election Result अध्यक्ष बने अयन रंजन मुखर्जी, राजेश तिवारी को हराया

आसनसोल: आसनसोल बार एसोसिएशन में  द्विवार्षिक कार्यकारिणी के लिए गहमागहमी के बीच  चुनाव हुआ। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से बार एसोसिएशन के सभागार में संपन्न हुआ। यहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष  सहित विभिन्न पदों के लिए बार एसोसिएशन के सदस्यों ने मतदान किया । कुल 50 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मतदान संपन्न होने के बाद अब मतगणना शुरू हो चुकी है। देर शाम मतगणना के बाद रिजल्ट घोषित किये गये, अध्यक्ष पद पर अयन रंजन मुखर्जी ने जीत दर्ज की। उन्होंने निवर्मतान अध्यक्ष राजेश तिवारी बंटी को हराया। अयन रंजन को 530 और राजेश तिवारी को 470 वोट प्राप्त हुए।
किस पद पर कौन जीते
अध्यक्ष : अयान रंजन मुखर्जी
उपाध्यक्ष : अविजीत कुमार रॉय (बापी), सोनतन धारा,
सचिव : बानी कुमार मंडल ( निर्विरोध निर्वाचित )
सहायक सचिव :धीरेन कुमार चौधरी, सुप्रिया हाजरा
कोषाध्यक्ष : कृष्णेंदु खान,
लेखा परीक्षक ( Auditor ) : अनिंदिता मुखोपाध्याय (रायमा)
कार्यकारी सदस्य : अभय गिरी,अभिषेक मुखर्जी, अनिमेष कुमार सिन्हा, अनुप मुखर्जी
अंतरा मुखर्जी, बिनोद कुमार चौधरी प्रीतिबाला कर्मकार,

क्या कहना है अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों का

निवर्तमान अध्यक्ष एवं प्रत्याशी उम्मीदवार राजेश तिवारी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उन्हें बार एसोसिएशन के सभी सदस्यों का सहयोग मिलेगा और वह जीत की हैट्रिक लगा सकेंगे । उन्होंने कहा कि वह एक कम्युनिटी हॉल बनाना चाहते हैं और वकीलों के लिए हॉस्टल का इंतजाम करना चाहेंगे  ।

वहीं प्रतिद्वंद्वी अयन रंजन मुखर्जी ने कहा कि वह पिछले 17 वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे हैं । वह हमेशा वकीलों के विकास के लिए कोशिश करते रहते हैं । यही वजह है कि वह इस बार चुनाव में खड़े हैं । अदालत परिसर में महिलाओं के लिए शौचालय और वकीलों के सर्वांगीण विकास के लिए और भी कई परियोजनाओं पर काम करना चाहते हैं इन्हीं सब मुद्दों को लेकर वह चुनाव लड़ रहे हैं। शाम में मतगणना शुरू हुई। वहीं सचिव पद पर बाणी मंडल पहले ही निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं।

पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी आसनसोल अदालत में पेश हुए

पब्लिक न्यूज आसनसोल भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी आज आसनसोल कैसे जाए अदालत में पेश हुए आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले जितेंद्र तिवारी जमुरिया के दरबारडांगा वाटर प्रोजेक्ट गए थे वहां विवाद हुआ था और जितेंद्र तिवारी और उनके साथियों पर एफआईआर दर्ज किया गया था। इस केस में आज जितेंद्र तिवारी आसनसोल अदालत में पेश हुए इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह मेयर थे तब जमुरिया के दरबारडांगा वाटर प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी और वह वाटर प्रोजेक्ट शुरू करवाया था लेकिन उनको खबर मिली थी कि बालू माफिया अजय नदी से बालू निकल रहे हैं और अब वह वाटर प्रोजेक्ट के काफी निकट आ गए हैं जिससे उसे प्रोजेक्ट पर भी खतरा मंडराने लगा है उन्होंने कहा कि अगर उसे वाटर प्रोजेक्ट को कोई नुकसान पहुंचता है तो उसकी वजह से जमुरिया और आसपास के एक बड़े क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा इसीलिए वह आज से 15 दिन पहले वहां पर गए थे। वहां पर उनके और उनके साथियों पर टीएमसी नेताओं की शह पर बालु माफिया द्वारा हमला किया गया था लेकिन देखा जा रहा है कि उन्हें पर केस कर दिया गया है उन्होंने कहा कि क्योंकि वह देश के संविधान और कानून को मानने वाले नागरिक हैं इसलिए आज वह अदालत आए हैं जितेंद्र तिवारी ने कहा कि यह हो ही नहीं सकता कि पुलिस बिना टीएमसी नेताओं की अनुमति के किसी के खिलाफ इस तरह से एफआईआर करे। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह से भाजपा को और उनको रोक नहीं जा सकता वह जब मेयर थे तब इस वाटर प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी और अब उसे वाटर प्रोजेक्ट को बर्बाद होते को नहीं देख सकते इसलिए वह इसके खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे अगर इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े वह भी मंजूर है लेकिन वह वाटर प्रोजेक्ट की रक्षा करके रहेंगे

आसनसोल नगर निगम के आड़ाडंगाल इलाके में जमीन पर मालिकाना हक को लेकर आज विवाद पैदा हो गया जब पुलिस द्वारा अदालत के आदेश के बाद एक घर को खाली करने का प्रयास किया

पब्लिक न्यूज आसनसोल रिकी बाल्मीकि/ बीनू श्रीवास्तव:–आसनसोल नगर निगम के आड़ाडंगाल इलाके में जमीन पर मालिकाना हक को लेकर आज विवाद पैदा हो गया जब पुलिस द्वारा अदालत के आदेश के बाद एक घर को खाली करने का प्रयास किया गया तो घर के सदस्यों द्वारा इसका विरोध किया गया इस बारे में जब हमने घर के सदस्यों से बात की तो उन्होंने कहा कि वह यहां पर पिछले तकरीबन 70 से भी ज्यादा वर्षों से रहते आ रहे हैं इस घर में अब उनकी तीसरी पीढ़ी रहती है लेकिन कृष्णा मंडल नामक एक व्यक्ति उन्हें लगातार परेशान करता आ रहा है वह यह कहता है कि जिस जमीन पर यह घर बना है वह जमीन उसकी है हालांकि उन्होंने बताया कि उसे जमीन का आरएस नंबर वह नहीं है जो कृष्णा मंडल का है लेकिन फिर भी वह उन्हें लगातार परेशान कर रहा है इस बारे में जब हमने इस घर के सदस्यों के वकील से बात की तो उन्होंने भी बताया कि फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है अप्रैल महीने में इसकी सुनवाई होगी उन्होंने भी कहा कि जो व्यक्ति इस पर अपना दावा ठोक रहा है उसके पास सही जानकारी नहीं है जी आरएस नंबर की बात वह व्यक्ति कर रहा है यह जमीन उसे आरएस नंबर पर नहीं है उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने अदालत में सर्वे करने का आवेदन किया है।

২১ মাসের মধ্যে আসানসোলের ফাস্ট ট্র্যাক কোর্টে সাজা ঘোষণা / বৃদ্ধাকে ধর্ষণের চেষ্টা ও শ্লীলতাহানিতে দোষী সাব্যস্ত / রানিগঞ্জের যুবকের দু’বছরের কারাদণ্ড

পাবলিক নিউজঃ অলোক চক্রবর্তী আসানসোল:– ষাটোর্ধ এক বৃদ্ধাকে জোর করে ধর্ষণের চেষ্টা ও শ্লীলতাহানিতে দোষী সাব্যস্ত হলো এক যুবক। ২ বছরেরও কম সময়ে (২১ মাস) আসানসোল আদালতের ফাস্ট ট্র্যাক ( সেকেন্ড কোর্টের) বিচারক মহুয়া রায় বসু সওয়াল-জবাব ও সাক্ষ্য গ্রহণ শেষে শুক্রবার দোষী সাব্যস্ত যুবক রাহুল রামের ২ বছরের সশ্রম কারাদণ্ডের নির্দেশ দেন। একইসঙ্গে সাজাপ্রাপ্তকে ১০ হাজার টাকা জরিমানা দেওয়ায় নির্দেশ বিচারক দিয়েছেন। সেই জরিমানা অনাদায়ে ঐ যুবককে অতিরিক্ত দুমাস কারাদণ্ড ভোগ করতে হবে। বিচারক এও নির্দেশ দিয়ে বলেন, জরিমানার টাকা নির্যাতিতাকে দিতে হবে। এই মামলার সরকারি আইনজীবী বা পিপি হিসেবে ছিলেন বিনয়ানন্দ চট্টোপাধ্যায়। এই মামলার আইও বা তদন্তকারী অফিসার ছিলেন শেখ রেজাউল করিম। চিকিৎসক সহ মোট ৮ জন এই মামলায় সাক্ষ্য দান করেছেন বলে পিপি জানিয়েছেন। সাজাপ্রাপ্ত রাহুল রাম আসানসোলের রানিগঞ্জ থানার কেজি লেনের ডালপট্টির বাসিন্দা।
জানা গেছে, এই ঘটনাটি ঘটেছিলো ২০২৩ সালের ৮ এপ্রিল। সেদিন প্রকৃতির ডাকে সাড়া দিতে বাড়ির বাইরে গেছিলেন রানিগঞ্জ থানার কেজি লেনের ডালপট্টির বাসিন্দা ষাটোর্ধ এক বৃদ্ধা। সেই সময় তার পিছু নেয় এলাকারই বাসিন্দা রাহুল রাম। ঐ বৃদ্ধা যখন পুকুরে ছিলেন, সেই সময় রাহুল রাম তাকে ধর্ষণের চেষ্টা করে। তার শ্লীলতাহানিও করা হয়। বৃদ্ধার চিৎকার শুরু করেন। তা শুনে আশপাশের লোকেরা দৌড়ে আসার আগেই ঐ যুবক পালিয়ে যায়। এলাকার বাসিন্দারা ঐ বৃদ্ধাকে উদ্ধার করেন। সেদিনই ঘটনার কথা জানিয়ে রানিগঞ্জ থানায় একটি অভিযোগ দায়ের করা হয় বৃদ্ধার পরিবারের তরফে। সেই অভিযোগের ভিত্তিতে সেদিনই পুলিশ অভিযুক্তকে গ্রেফতার করে। ধৃতর বিরুদ্ধে পুলিশ ভারতীয় দন্ডবিধির বা আইপিসির ৩২৩, ৩৪১, ৩৫৪/এ, ৩৭৬ ও ৫১১ নং ধারায় মামলা ( কেস নং ১৫৩/২৩, তারিখ ৮.৪.২০২৩) করে।
শুক্রবার এই মামলার সরকারি আইনজীবী বলেন, মেডিকেল রিপোর্ট সহ অন্যান্য তথ্য সহ
পুলিশ নির্দিষ্ট সময়ের মধ্যে চার্জশিট জমা দেওয়ায় ধৃত যুবক জামিন পায়নি। সে জেলেই আছে। এদিন ফাস্ট ট্র্যাক ( সেকেন্ড কোর্ট) বিচারক মহুয়া রায় বসু যুববকে দোষী সাব্যস্ত করে, সাজা ঘোষণা করেন। সেই হিসেবে এদিনের সাজা ঘোষণা কাস্টডি ট্রায়াল।
প্রসঙ্গতঃ, আরজি করের ঘটনা ও তারপরের বিচার নিয়ে যখন, সারা বাংলা উত্তাল, সেই সময় আসানসোল আদালতের এদিনের সাজা ঘোষণা অবশ্যই তাৎপর্যপূর্ণ বলে আইনজীবীরা মনে করছেন।

কুলটির ম্যারেজ হলে বন দপ্তরের হানা / ১১ টি হরিণের শিং ও ৭ টি প্যাঙ্গোলিনের আঁশ সহ গ্রেফতার দুই

পাবলিক নিউজঃ আসানসোল :– পশ্চিম বর্ধমান জেলার আসানসোলের কুলটি থানার চলবলপুর এলাকায় একটি ম্যারেজ হলে হানা দিয়ে সম্বর হরিণের শিং ও প্যাঙ্গোলিনের আঁশ পেলো বন দপ্তরের আসানসোল টেরিটোরিয়্যাল রেঞ্জের একটি দল। গ্রেফতার করা হয়েছে দুজনকে।
এই প্রসঙ্গে বন দপ্তরের আসানসোল টেরিটোরিয়্যাল রেঞ্জের রেঞ্জ অফিসার তমালিকা চন্দ শুক্রবার বলেন, বৃহস্পতিবার সকালে আমরা গোপন সূত্রে খবর পাই যে আসানসোলের কুলটি থানার চলবলপুর এলাকায় গীতাঞ্জলি ম্যারেজ হলে বেশ কয়েকজন আছেন। তাদের কাছে সম্বর হরিণের শিং ও প্যাঙ্গোলিনের আঁশ আছে। তারা এইসব জিনিস পাচার করার জন্য এনেছে। সেই মতে বন দপ্তরের একটি দল সেখানে হানা দেয়। তল্লাশিতে সেখান থেকে পাওয়া যায় সম্বর হরিণের ১১ টি শিং ও ৭টি পেঙ্গোলিনের আঁশ। গ্রেফতার করা হয় দুজনকে। ধৃত দুই ব্যক্তির নাম গণেশ প্রসাদ ও সুকুমার বাউরি। দুইজনেই ঝাড়খন্ডের বাসিন্দা। তমালিকা দেবী আরো বলেন, এদিন দুজনকে আসানসোল আদালতে তোলা হয়েছে। ধৃতদের বিরুদ্ধে নির্দিষ্ট ধারায় মামলা করা হয়েছে। উদ্ধার হওয়া হরিণের শিং ও প্যাঙ্গোলিনের আঁশ দুর্মূল্য। এইসব জিনিসের বাজারদর হয়না। কেননা, প্রাণীদেরকে মেরে পাচারকারীরা এইসব সংগ্রহ করেছে। এখন বন দপ্তর ধৃতদেরকে জেরা করে জানার চেষ্টা করছে, এইসব জিনিস পাচার চক্রের পেছনে কে বা কারা আছে।

আসানসোল দক্ষিণ থানার পুলিশের হানা / ২০ কেজি গাঁজা বাজেয়াপ্ত, মহিলা সহ ধৃত দুই…

পাবলিক নিউজঃ অলোক চক্রবর্তী আসানসোল:– ভিন জেলার বাস থেকে নেমে গাঁজা পাচার করতে গিয়ে হাতেনাতে পাকড়াও হলো দুজন। ধৃতদের একজন মহিলা আছেন। মঙ্গলবার রাতে আসানসোল দক্ষিণ থানার পুলিশ ১৯ নং জাতীয় সড়কের কালিপাহাড়ি মোড়ের কাছ থেকে এই দুজনকে গ্রেফতার করেছে। তাদের কাছ থেকে পাওয়া দুটি ব্যাগে পাওয়া গেছে ২০ কেজির মতো গাঁজা। ধৃতরা হলো বছর ৫০ র আনন্দ লেট ও বছর ৪২ র গীতা কর্মকার। তারা বীরভূম জেলার রামপুরহাটের বাসিন্দা। আসানসোল দক্ষিণ থানার ইন্সপেক্টর ইনচার্জ কৌশিক কুন্ডুর নেতৃত্বে গোপন সূত্রে খবর পেয়ে এই অভিযান চালানো হয়। ধৃতদের বিরুদ্ধে এনডিপিএস ( নারকোটিক ড্রাগস এ্যান্ড সাইকোট্রপিক সাবস্ট্যান্সেড এ্যাক্ট) আইনের ২০ (বি), (২), (সি) ও ২০ নং ধারায় মামলা করা হয়। বুধবার সকালে ধৃত দুজনকে আসানসোল আদালতের এনডিপিএস কোর্টে পেশ করা হয়। মামলার তদন্তকারী অফিসার বা আইও সুখদেব লক্ষ্মণ ধৃতদেরকে ৭ দিনের পুলিশ রিমান্ডের আবেদন করেন। বিচারক সেই আবেদনের ভিত্তিতে ধৃতদের জামিন নাকচ করে ৪ দিনের পুলিশ রিমান্ডের নির্দেশ দেন।

পুলিশ সূত্রে জানা গেছে, মঙ্গলবার সন্ধ্যা সাতটা নাগাদ আসানসোল দক্ষিণ থানার ইন্সপেক্টর ইনচার্জ কৌশিক কুন্ডু গোপন সূত্রে খবর পান যে, এক মহিলা ও এক ব্যক্তি ১৯ নং জাতীয় সড়কে কালিপাহাড়ি মোড়ে ভিন জেলার একটি বাস থেকে নেমেছে। তাদের কাছে দুটি ব্যাগ আছে। তাদের আচরণ সন্দেহজনক ও তারা কালিপাহাড়ি মোড় থেকে বাঘবন্দি গ্রামের দিকে যাচ্ছে। এরপর ইন্সপেক্টর ইনচার্জের নেতৃত্বে পুলিশের একটি দল ঐ এলাকায় গিয়ে অতর্কিতে হানা দিয়ে আনন্দ লেট ও গীতা কর্মকারকে আটক করে। তল্লাশিতে তাদের কাছে থাকা দুটি ব্যাগ থেকে পাওয়া যায় ২০ কেজির মতো গাঁজা। এরপরই তাদেরকে গ্রেফতার করা হয়।

পুলিশের এক আধিকারিক বলেন, ধৃতদের বিরুদ্ধে নির্দিষ্ট ধারায় মামলা করা হয়েছে। মনে করা হচ্ছে তারা গাঁজা পাচারকারী চক্রের সদস্য। তাদেরকে রিমান্ডে নিয়ে জেরা করে জানার চেষ্টা করা হবে, এর পেছনে কে বা কারা আছে।

राणा मुखर्जी ने उनसे मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर 24 लाख रुपए से ज्यादा ठग ने के मामले गिरफ्तार 10 आरोपी ।आसनसोल अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड का अनुरोध किया जाएगा उन्होंने कहा कि पकड़े गए 10 आरोपियों

पब्लिक न्यूज़ आसनसोल बिनु श्रीवास्तव/ रिकी बाल्मीकि :– आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर पुलिस थाने में आज एक प्रेस मिट की गई। इस मौके पर यहां डीसी हेडक्वार्टर अरविंद कुमार आनंद आसनसोल साइबर पुलिस स्टेशन प्रभारी विश्वजीत मुखर्जी सहित आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अन्य अधिकारी उपस्थित इस मौके पर अरविंद कुमार आनंद ने बताया कि 2023 के 5 मार्च को आसनसोल उत्तर थाने में धीरेन मांझी नामक एक व्यक्ति ने राणा मुखर्जी नामक एक व्यक्ति के खिलाफ नाम याद रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राणा मुखर्जी ने उनसे मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर 24 लाख रुपए से ज्यादा ठग लिए। यह पैसे कई चरणों में दिए गए थे और विभिन्न बैंक अकाउंट में जमा किए गए थे अरविंद कुमार आनंद ने बताया कि इसके बाद एक केस दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की इसमें कल पुलिस को बड़ी सफलता मिली और श्याम नगर मध्यमग्राम बागुईआटी और दमदम से 10 लोगों को हिरासत में लिया गया जिनमें दो महिलाएं हैं उन्होंने कहा कि यह कभी किसी मोबाइल कंपनी के नाम पर तो कभी फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोगों को फोन किया करते थे और उनसे विभिन्न वजह दिखाकर पैसे ऐंठा करते थे। तलाशी के दौरान उनके पास से 22 मोबाइल और दो लैपटॉप बरामद किए गए। इसके अलावा कई अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए जिनके इस्तेमाल से यह लोग लोगों को बेवकूफ बनाया करते थे उन्होंने कहा कि यह आसनसोल साइबर पुलिस स्टेशन की एक बहुत बड़ी सफलता है पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल है उन्होंने कहा कि पकड़े गए सभी 10 आरोपीयों को आसनसोल अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड का अनुरोध किया जाएगा उन्होंने कहा कि पकड़े गए 10 आरोपियों में से एक हुगली का बाकी सभी उत्तर 24 परगना जिले के रहने वाले हैं उन्होंने कहा कि यह लोगों को फोन किया करते थे और विभिन्न चीजों का प्रलोभन देकर उनसे पैसे ऐंठा करते थे। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के सरगना का नाम संदीप है उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

চার বছর আগের ঘটনায় দূর্গাপুর আদালতে সাজা ঘোষণা / স্বামীকে খুন করার অপরাধে দোষী সাব্যস্ত স্ত্রীর যাবজ্জীবন কারাদণ্ড

পাবলিক নিউজঃ আসানসোল দুর্গাপুর :– চার বছর আগে স্বামীকে খুন করার ঘটনায় দোষী সাব্যস্ত স্ত্রীর যাবজ্জীবন কারাদণ্ডের নির্দেশ দিলেন দুর্গাপুর মহকুমা আদালতের বিচারক শৈলেন্দ্র কুমার সিং। বৃহস্পতিবার এই মামলায় একই অপরাধে দোষী সাব্যস্ত মৃত ব্যক্তির শ্যালিকা বা স্ত্রীর দিদিরও যাবজ্জীবন সাজা হয়েছে। দুই সাজাপ্রাপ্তর নাম সফিয়া মির্ধা ( স্ত্রী) ও মনুয়ারা মির্ধা ( স্ত্রীর দিদি)। এই মামলার সরকারি আইনজীবী মহঃ ইমরান বলেন, এই মামলা চলাকালীন দূর্গাপুর আদালতে সবমিলিয়ে মোট ১৬ জন সাক্ষী দিয়েছেন। তথ্য প্রমাণ ও সাক্ষীদের দেওয়া সাক্ষ্যর ভিত্তিতে বুধবার এই দু’জনকে বিচারক দোষী সাব্যস্ত করেছিলেন। এই ঘটনায় পুলিশ মোট তিনজনকে গ্রেফতার করেছিলো। তবে দোষী সাব্যস্ত হয়েছে দুজন। বিচারক দুজনের বিরুদ্ধে ভারতীয় দন্ডবিধির ৩০২ নং ধারায় ( খুন) যাবজ্জীবন কারাদণ্ড ও ৫ হাজার টাকা জরিমানা দেওয়ায় নির্দেশ দেন। এই জরিমানা অনাদায়ে ৬ মাস অতিরিক্ত কারাদণ্ড ভোগ করতে হবে। ২০১ নং ধারায় ( প্রমাণ লোপাট) ৫ বছর কারাদণ্ড ও ২ হাজার টাকা জরিমানা দেওয়ায় নির্দেশ দেন বিচারক। এই জরিমানা অনাদায়ে আরো ৩ মাস অতিরিক্ত কারাদণ্ড ভোগ করতে হবে দুজনকে।
সরকারি আইনজীবী ও পুলিশ সূত্রে জানা গেছে, ২০২১ সালের ১৯ মে দুর্গাপুর থানার রামানুজম এলাকায় জানে আলম মির্ধার ঝুলন্ত দেহ উদ্ধার হয় একটি আবাসনের পেছনে গাছ থেকে। জানে আলমের বাড়ি ছিল দুর্গাপুর থানার বিজড়া এলাকায়।
জানে আলমের পরিবারের তরফে স্ত্রী সফিয়া মির্ধা ও স্ত্রীর দিদি মনুয়ারা মির্ধার বিরুদ্ধে এই ঘটনায় জড়িত থাকার অভিযোগ দায়ের করা হয়। সেই অভিযোগের ভিত্তিতে তদন্ত নামে দুর্গাপুর থানার পুলিশ। তদন্তের ভিত্তিতে পারিবারিক বিবাদের জেরে প্রথমে মারধর করে খুন ও পরে দেহ লোপাটের তথ্য উঠে আসে। খুন ও দেহ লোপাটের তথ্য প্রমান দুর্গাপুর মহকুমা আদালতে পেশ করা হয় এই মামলার তদন্তকারী অফিসার বা আইওর তরফে । সমস্ত দিক বিবেচনা করে বুধবার দুর্গাপুর মহকুমা আদালতের অতিরিক্ত জেলা বিচারক শৈলেন্দ্র কুমার সিং সফিয়া মির্ধা ও মনোয়ারা মির্ধাকে দোষী সাব্যস্ত করেছিলেন । বৃহস্পতিবার বিচারক তাদের যাবজ্জীবন কারাদণ্ডের সাজা ঘোষণা করেন।

সিসিটিভির ফুটেজ দেখে কুলটির শাঁকতোড়িয়া ফাঁড়ির সাফল্য / ডিসেরগড় ঘাট থেকে উদ্ধার পুরুলিয়ার চোরাই জেসিবি

পাবলিক নিউজঃ ডেস্ক আসানসোল :– সিসিটিভির ফুটেজের সূত্র ধরে ভিন জেলা থেকে চুরি করা জেসিবি পাচার আটকে দিল আসানসোল দুর্গাপুর পুলিশ কমিশনারেটের কুলটি থানার শাঁকতোড়িয়া ফাঁড়ির পুলিশ। জেলা পরিবর্তন করে, গাড়ির চেচিস নম্বর প্লেট বদলের আগেই হাতে নাতে দুষ্কৃতিদেরকে ধরে ফেলল পুলিশ।
ঘটনা প্রসঙ্গে জানা যায়, পুরুলিয়ার হুড়া থানা এলাকা থেকে গত ৭ জানুয়ারি চুরি যায় একটি জেসিবি। সেই জেসিবি ডিশেরগড় ঘাট ধরে পাচার করা হয় বলে, তদন্তে নেমে জানতে পারে পুলিশ। এই বিষয়টি শাঁকতোড়িয়া ফাঁড়ির ইনচার্জ শেখ রিয়াজউদ্দিন সিসিটিভি ফুটেজ দেখে বুঝতে পারেন। এরপর বুধবার রাতে সেই ফুটেজের সূত্র ধরে তল্লাশি চালানো শুরু হয়। তখনই ডিসেরগড় ঘাটের পূর্বদিকের জঙ্গলেন নদীর ধারে সেই জেসিবিটিকে দেখতে পান ফাঁড়ির ইনচার্জ ও পুলিশের অন্য আধিকারিকেরা। সে সময় ঐ জেসিবির নম্বর প্লেট খুলে চেচিস নম্বর বদলানোর চেষ্টা চালাচ্ছিল দুষ্কৃতিরা। নম্বর রি-পাঞ্চিং করার সময়ই হঠাৎ করেই পুলিশের অতর্কিত অভিযানে হাতেনাতে ধরা পড়ে ডিসেরগড় এলাকার ৫ নম্বর এলাকার বাসিন্দা বছর ৩০ র ভোলা প্রসাদ ও পানাগড় বাজার এলাকার বাসিন্দ বছর ৩৫ র হাফিজুর রহমান। তবে অন্য একজন পুলিশের এই অভিযানের সময়ে এলাকা ছেড়ে পালিয়ে যেতে সক্ষম হয়। তবে তার খোঁজেও পুলিশ গোটা এলাকা ঘিরে ধরে চালাচ্ছে তল্লাশি বলেও জানা যায়। একইসাথে ঐ এলাকা থেকে পুলিশ ওই চুরি যাওয়া জেসিবিতে নম্বর পাঞ্চিং করার বিভিন্ন সামগ্রী উদ্ধার করে। রাতেই জেসিবি সহ ধৃত ঐ দুজন শাঁকতোড়িয়া ফাঁড়িতে নিয়ে আসা হয় । পরে এ বিষয়ে পুরুলিয়ার হুড়া থানার পুলিশকে খবর দেওয়া হয়। হুড়া থানার পুলিশ বৃহস্পতিবার ধৃতদেরকে নিজেদের হেফাজতে নেওয়ার জন্য আদালতে পেশ করে।
তবে এই গাড়ি চুরি ও তা পাচারের চক্র কতটা সক্রিয় রয়েছে ও তারা অন্য কোন পাচারের সঙ্গে যুক্ত রয়েছে কিনা, সে সকল বিষয় অবশ্য ঐ দুষ্কৃতিদেরকে জিজ্ঞাসাবাদের পরই স্পষ্ট হবে বলেই জানিয়েছেন পুলিশের এক আধিকারিক ।
উল্লেখ্য আসানসোল দুর্গাপুর পুলিশ কমিশনারেটের গঠনের পরই বাংলা ঝাড়খণ্ড সীমান্ত এলাকায় নজরদারি কড়া করার জন্য বেশ কয়েকটি ঘাটে সিসিটিভি নজরদারি অনেকটাই বাড়ানো হয়েছে। তারফলে বিভিন্ন ক্ষেত্রেই অপরাধ মূলক কাজকর্ম রুখে দিতে সক্ষম হচ্ছে পুলিশ। এবারও সেই সিসিটিভির ফুটেজ দেখে দ্রুত দূষ্কৃতিদেরকে গ্রেফতার করার পাশাপাশি, চোরাই জেসিবি মেশিন উদ্ধার করার সফলতা পেল পুলিশ।

সাইবার অপরাধে আটক ২ জন মহিলা সমেত দশজন আটক।

পাবলিক নিউজঃ অলোক চক্রবর্তী আসানসোল:– আসানসোল দূর্গাপুর পুলিশ কমিশনারেটের সাইবার ক্রাইম দপ্তর ২০২৩ সালে আসানসোল উত্তর থানায় ৫ ই মার্চ টাকা আত্মসাতের এক ঘটনার অভিযোগের ভিত্তিতে ২ জন মহিলা সমেত ১০ জনকে গ্রেপ্তার করেছে। বৃহস্পতিবার সকালে আসানসোল সাইবার ক্রাইম দপ্তরে সাংবাদিক সম্মেলনে ডিসি হেড কোয়াটার অরবিন্দ কুমার আনন্দ এবং সাইবার ক্রাইম দপ্তরের আধিকারিক বিশ্বজিৎ মুখার্জি জানান আসানসোল ধাদকার বাসিন্দা ধীরেন মাঝি আসানসোল উত্তর থানায় তার সাথে প্রতারকরা মোবাইল টাওয়ার টাওয়ার বসানোর কথা বলে রানা মুখার্জি নামে এক ব্যাক্তি বিভিন্ন সময়ে বিভিন্ন ব্যাংকে প্রায় ২৪ লক্ষ টাকা প্রতারণা করেছেন, আসানসোল সাইবার ক্রাইম দপ্তর ঘটনার তদন্তে নেমে শ্যামনগর, মধ্যমগ্রাম, বাগুইহাটি এবং দমদম থেকে দুই মহিলা সহ দশজনকে গ্রেপ্তার করেছে তাদের কাছ থেকে ২২ টা মোবাইল এবং দুটো ল্যাপটপ উদ্ধার হয়েছে, শুক্রবার তাদের আদালতে পেশ করে রিমান্ডের আবেদন করবেন। অরবিন্দ কুমার আনন্দ জানান সাইবার ঠগীরা বিভিন্ন জায়গায় মোবাইল টাওয়ার, চাকরি সহ বিভিন্ন প্রলোভন দেখিয়ে পয়সা নিত।