
पब्लिक न्यूज भरत पासवान सतग्राम–श्रीपुर क्षेत्र (ईसीएल) में घरेलू बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के आदेश को लेकर श्रमिक संगठनों में भारी रोष देखा जा रहा है। क्षेत्र के इंजीनियर (ई एंड एम) द्वारा 29 जनवरी 2026 को जारी पत्र के अनुसार, सभी एजेंटों को प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक घरेलू बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्देश दिया गया है।
इस आदेश के खिलाफ यूनियन की ओर से सचिव रमेश सिंह ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रबंधन को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि एनसीडब्ल्यूए (नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट) के तहत श्रमिकों को 24 घंटे निर्बाध घरेलू बिजली आपूर्ति देना अनिवार्य है, क्योंकि यह श्रमिकों की प्राथमिक आवश्यकता है और इसे किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं किया जा सकता।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों के वेतन से पहले ही 1 प्रतिशत बिजली शुल्क की कटौती की जाती है, वहीं दूसरी ओर उन्हें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में घरेलू बिजली आपूर्ति में कटौती पूरी तरह से अनुचित और समझौते के विरुद्ध है।
यूनियन ने यह भी कहा है कि यदि कंपनी वित्तीय संकट से गुजर रही है, तो खर्च में कटौती अन्य क्षेत्रों में की जाए, लेकिन घरेलू बिजली आपूर्ति पर किसी भी तरह का अंकुश न लगाया जाए।
यूनियन ने प्रबंधन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से घरेलू बिजली आपूर्ति को बहाल किया जाए और पहले की तरह 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए। अन्यथा मजबूर होकर श्रमिक संगठन को कड़ा आंदोलन शुरू करना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
इस पत्र की प्रतिलिपि सीएमएस (एआईटीयूसी) के महासचिव, ईसीएल मुख्यालय के जीएम (ई एंड एम), सतग्राम–श्रीपुर क्षेत्र के जीएम (ई एंड एम), जीएम (ऑपरेशन) तथा क्षेत्रीय वित्त प्रबंधक को भी भेजी गई है।





















































































