पब्लिक न्यूज़ आसनसोल बिनु श्रीवास्तव/रिकी बाल्मीकि:– स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आज आसनसोल रामकृष्ण मिशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया यहां पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया इसके साथ ही यहां एक प्रभात फेरी भी निकाली गई जिसमें आसनसोल रामकृष्ण मिशन से जुड़े तमाम साधक शिक्षक विद्यार्थी और समाज के विशिष्ट लोग शामिल हुए। इसके उपरांत आसनसोल रामकृष्ण मिशन आश्रम परिसर में एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया इस दौरान यहां बंगाल के संस्कृति को दर्शाते हुए कई कार्यक्रम भी हुए इस दौरान यहां मंत्री मलय घटक आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी डिप्टी मेयर अभिजीत घटक एमएमआईसी गुरदास चटर्जी बोरो चेयरमैन अनिर्बान दास तथा आसनसोल रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सौमात्मानंद जी महाराज उपस्थित थे । यहां पर मंत्री मलय घटक ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती है। 41वां युवा दिवस भी है। उन्होंने कहा कि 1984 में भारत सरकार ने 12 जनवरी को युवा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी मंत्री मलय घटक ने कहा कि हम जानते हैं कि स्वामी विवेकानंद का जीवन दीर्घायु नहीं था सिर्फ 39 वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद का देहावसान हुआ था लेकिन इतने कम उम्र में भी स्वामी विवेकानंद ने वह कार्य करके दिखाएं जो युगों युगों तक याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित धर्म महासम्मेलन में वक्तव्य रखा था और तब से पूरे विश्व को भारत के असली आध्यात्मिक शक्ति के बारे में जानकारी प्राप्त हुई थी स्वामी विवेकानंद ने अपने भाषण की शुरुआत जिस ढंग से की थी उससे ही पूरा विश्व उनका भक्त बन गया। उन्होंने अमेरिका के लोगों को अपने भाई और बहन कहकर संबोधित किया जो वहां के लोगों के लिए एक बिल्कुल नई बात थी इसके बाद स्वामी विवेकानंद ने ऐसे कई कार्य किया जींस की उन्होंने आने वाले कई पीढ़ियों को उत्साहित किया यह बहुत जरूरी है कि हम स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और उनकी वाणी को याद रखें और राष्ट्रवाद समाज निर्माण के साथ-साथ स्वयं के निर्माण में भी उनके आदर्शों को कार्यान्वित करें वही आसनसोल रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सौमात्मानंद जी महाराज ने भी आज के दिन के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि स्वामी विवेकानंद एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने अपनी वाणी और अपने कार्यों से कई पीढियां को प्रभावित किया और आने वाले हजारों वर्षों तक मानव सभ्यता उन्हें याद रखेगी।

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